11 जनवरी 2029 को हावड़ा का चौघड़िया

गुरुवार, 11 जनवरी 2029, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 11 जनवरी 2029 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:50 तक), नक्षत्र अनुराधा (15:10 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 13:06 से 14:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 17:10
रात 06:19 तक
तिथि
द्वादशी, 23:50 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
अनुराधा, 15:10 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:19 – 07:40शुभ
रोग07:40 – 09:02टालें
उद्वेग09:02 – 10:23टालें
चर10:23 – 11:44सामान्य
लाभ11:44 – 13:06शुभ
अमृत13:06 – 14:27शुभ
काल14:27 – 15:49टालें
शुभ15:49 – 17:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:10 – 18:49शुभ
चर18:49 – 20:27सामान्य
रोग20:27 – 22:06टालें
काल22:06 – 23:44टालें
लाभ23:44 – 01:23शुभ
उद्वेग01:23 – 03:02टालें
शुभ03:02 – 04:40शुभ
अमृत04:40 – 06:19शुभ

11 जनवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:50 तक
कृष्ण त्रयोदशी 23:06, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 14:56, 12 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 14:19 तक
वृद्धि 12:23, 12 जन॰ तक
करण
कौलव 12:21 तक
तैतिल 23:50 तक
गर 11:26, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
03:03
चंद्रास्त
13:59
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
13:06 – 14:27
यमगंड
06:19 – 07:40
गुलिक काल
09:02 – 10:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1907:13दिन
मंगल07:1308:07दिन
सूर्य08:0709:02दिन
शुक्र09:0209:56दिन
बुध09:5610:50दिन
चंद्र10:5011:44दिन
शनि11:4412:39दिन
गुरु12:3913:33दिन
मंगल13:3314:27दिन
सूर्य14:2715:22दिन
शुक्र15:2216:16दिन
बुध16:1617:10दिन
चंद्र17:1018:16रात
शनि18:1619:22रात
गुरु19:2220:27रात
मंगल20:2721:33रात
सूर्य21:3322:39रात
शुक्र22:3923:44रात
बुध23:4400:50रात
चंद्र00:5001:56रात
शनि01:5603:02रात
गुरु03:0204:07रात
मंगल04:0705:13रात
सूर्य05:1306:19रात

अयनांश 24.2626° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।