11 अक्टूबर 2029 को हावड़ा का चौघड़िया

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2029, हावड़ा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2029 को हावड़ा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (10:36 तक), नक्षत्र अनुराधा (18:29 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 12:51 से 14:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 17:15
रात 05:32 तक
तिथि
चतुर्थी, 10:36 तक
पंचमी
नक्षत्र
अनुराधा, 18:29 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:31 – 06:59शुभ
रोग06:59 – 08:27टालें
उद्वेग08:27 – 09:55टालें
चर09:55 – 11:23सामान्य
लाभ11:23 – 12:51शुभ
अमृत12:51 – 14:19शुभ
काल14:19 – 15:47टालें
शुभ15:47 – 17:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:15 – 18:47शुभ
चर18:47 – 20:19सामान्य
रोग20:19 – 21:51टालें
काल21:51 – 23:23टालें
लाभ23:23 – 00:55शुभ
उद्वेग00:55 – 02:27टालें
शुभ02:27 – 04:00शुभ
अमृत04:00 – 05:32शुभ

11 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 10:36 तक
शुक्ल पंचमी 08:04, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 16:56, 12 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 17:06 तक
सौभाग्य 14:02, 12 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:36 तक
बव 21:16 तक
बालव 08:04, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
09:10
चंद्रास्त
20:13
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
12:51 – 14:19
यमगंड
05:31 – 06:59
गुलिक काल
08:27 – 09:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3106:30दिन
मंगल06:3007:29दिन
सूर्य07:2908:27दिन
शुक्र08:2709:26दिन
बुध09:2610:24दिन
चंद्र10:2411:23दिन
शनि11:2312:22दिन
गुरु12:2213:20दिन
मंगल13:2014:19दिन
सूर्य14:1915:17दिन
शुक्र15:1716:16दिन
बुध16:1617:15दिन
चंद्र17:1518:16रात
शनि18:1619:17रात
गुरु19:1720:19रात
मंगल20:1921:20रात
सूर्य21:2022:22रात
शुक्र22:2223:23रात
बुध23:2300:25रात
चंद्र00:2501:26रात
शनि01:2602:27रात
गुरु02:2703:29रात
मंगल03:2904:30रात
सूर्य04:3005:32रात

अयनांश 24.2730° (लाहिड़ी)। समय हावड़ा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।