22 जनवरी 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 22 जनवरी 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 जनवरी 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (15:18 तक), नक्षत्र स्वाति (02:34, 23 जन॰ तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 16:51 पर है। राहुकाल 11:25 से 12:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 16:51
रात 05:59 तक
तिथि
अष्टमी, 15:18 तक
नवमी
नक्षत्र
स्वाति, 02:34 तक
विशाखा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:59 – 07:21शुभ
अमृत07:21 – 08:42शुभ
काल08:42 – 10:04टालें
शुभ10:04 – 11:25शुभ
रोग11:25 – 12:47टालें
उद्वेग12:47 – 14:08टालें
चर14:08 – 15:30सामान्य
लाभ15:30 – 16:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:51 – 18:30टालें
शुभ18:30 – 20:08शुभ
अमृत20:08 – 21:47शुभ
चर21:47 – 23:25सामान्य
रोग23:25 – 01:04टालें
काल01:04 – 02:42टालें
लाभ02:42 – 04:21शुभ
उद्वेग04:21 – 05:59टालें

22 जनवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 15:18 तक
कृष्ण नवमी 17:38, 23 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 02:34, 23 जन॰ तक
विशाखा 05:08, 24 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 04:37, 23 जन॰ तक
गंडअशुभ 05:06, 24 जन॰ तक
करण
कौलव 15:18 तक
तैतिल 04:31, 23 जन॰ तक
गर 17:38, 23 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
16:51
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:46
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:47 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:25 – 12:47
यमगंड
07:21 – 08:42
गुलिक काल
10:04 – 11:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5906:54दिन
चंद्र06:5407:48दिन
शनि07:4808:42दिन
गुरु08:4209:37दिन
मंगल09:3710:31दिन
सूर्य10:3111:25दिन
शुक्र11:2512:20दिन
बुध12:2013:14दिन
चंद्र13:1414:08दिन
शनि14:0815:03दिन
गुरु15:0315:57दिन
मंगल15:5716:51दिन
सूर्य16:5117:57रात
शुक्र17:5719:03रात
बुध19:0320:08रात
चंद्र20:0821:14रात
शनि21:1422:20रात
गुरु22:2023:25रात
मंगल23:2500:31रात
सूर्य00:3101:37रात
शुक्र01:3702:42रात
बुध02:4203:48रात
चंद्र03:4804:53रात
शनि04:5305:59रात

अयनांश 24.2071° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।