30 जनवरी 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 30 जनवरी 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 जनवरी 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (16:11 तक), नक्षत्र श्रवण (07:15 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 16:57 पर है। राहुकाल 12:50 से 14:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 16:57
रात 05:56 तक
तिथि
प्रतिपदा, 16:11 तक
द्वितीया
नक्षत्र
धनिष्ठा, 05:50 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:57 – 07:19शुभ
रोग07:19 – 08:42टालें
उद्वेग08:42 – 10:05टालें
चर10:05 – 11:27सामान्य
लाभ11:27 – 12:50शुभ
अमृत12:50 – 14:12शुभ
काल14:12 – 15:35टालें
शुभ15:35 – 16:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:57 – 18:35शुभ
चर18:35 – 20:12सामान्य
रोग20:12 – 21:50टालें
काल21:50 – 23:27टालें
लाभ23:27 – 01:04शुभ
उद्वेग01:04 – 02:42टालें
शुभ02:42 – 04:19शुभ
अमृत04:19 – 05:56शुभ

30 जनवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 16:11 तक
शुक्ल द्वितीया 13:59, 31 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 07:15 तक
धनिष्ठा 05:50, 31 जन॰ तक
शतभिषा 04:14, 1 फ़र॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 18:33 तक
वरीयान 15:32, 31 जन॰ तक
करण
बव 16:11 तक
बालव 03:06, 31 जन॰ तक
कौलव 13:59, 31 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 18:35 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
16:57
चंद्रोदय
06:35
चंद्रास्त
17:50
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:49

अशुभ समय

राहुकाल
12:50 – 14:12
यमगंड
05:57 – 07:19
गुलिक काल
08:42 – 10:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5706:52दिन
मंगल06:5207:47दिन
सूर्य07:4708:42दिन
शुक्र08:4209:37दिन
बुध09:3710:32दिन
चंद्र10:3211:27दिन
शनि11:2712:22दिन
गुरु12:2213:17दिन
मंगल13:1714:12दिन
सूर्य14:1215:07दिन
शुक्र15:0716:02दिन
बुध16:0216:57दिन
चंद्र16:5718:02रात
शनि18:0219:07रात
गुरु19:0720:12रात
मंगल20:1221:17रात
सूर्य21:1722:22रात
शुक्र22:2223:27रात
बुध23:2700:32रात
चंद्र00:3201:37रात
शनि01:3702:42रात
गुरु02:4203:47रात
मंगल03:4704:52रात
सूर्य04:5205:56रात

अयनांश 24.2074° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।