5 मार्च 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 5 मार्च 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 मार्च 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (12:51 तक), नक्षत्र कृत्तिका (01:08, 6 मार्च तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 11:25 से 12:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 17:18
रात 05:32 तक
तिथि
षष्ठी, 12:51 तक
सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 01:08 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:33 – 07:01शुभ
अमृत07:01 – 08:29शुभ
काल08:29 – 09:57टालें
शुभ09:57 – 11:25शुभ
रोग11:25 – 12:54टालें
उद्वेग12:54 – 14:22टालें
चर14:22 – 15:50सामान्य
लाभ15:50 – 17:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:18 – 18:50टालें
शुभ18:50 – 20:21शुभ
अमृत20:21 – 21:53शुभ
चर21:53 – 23:25सामान्य
रोग23:25 – 00:57टालें
काल00:57 – 02:28टालें
लाभ02:28 – 04:00शुभ
उद्वेग04:00 – 05:32टालें

5 मार्च 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 12:51 तक
शुक्ल सप्तमी 10:51, 6 मार्च तक
नक्षत्र
कृत्तिका 01:08, 6 मार्च तक
रोहिणी 00:05, 7 मार्च तक
योग
वैधृतिअशुभ 23:07 तक
विष्कंभअशुभ 20:29, 6 मार्च तक
करण
तैतिल 12:51 तक
गर 23:48 तक
वणिज 10:51, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
मेष 08:13 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
09:01
चंद्रास्त
23:09
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:49 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:25 – 12:54
यमगंड
07:01 – 08:29
गुलिक काल
09:57 – 11:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3306:32दिन
चंद्र06:3207:30दिन
शनि07:3008:29दिन
गुरु08:2909:28दिन
मंगल09:2810:27दिन
सूर्य10:2711:25दिन
शुक्र11:2512:24दिन
बुध12:2413:23दिन
चंद्र13:2314:22दिन
शनि14:2215:20दिन
गुरु15:2016:19दिन
मंगल16:1917:18दिन
सूर्य17:1818:19रात
शुक्र18:1919:20रात
बुध19:2020:21रात
चंद्र20:2121:23रात
शनि21:2322:24रात
गुरु22:2423:25रात
मंगल23:2500:26रात
सूर्य00:2601:27रात
शुक्र01:2702:28रात
बुध02:2803:29रात
चंद्र03:2904:31रात
शनि04:3105:32रात

अयनांश 24.2087° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।