6 मार्च 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 6 मार्च 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 मार्च 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (10:51 तक), नक्षत्र रोहिणी (00:05, 7 मार्च तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 12:53 से 14:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 17:18
रात 05:31 तक
तिथि
सप्तमी, 10:51 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी, 00:05 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:32 – 07:00शुभ
रोग07:00 – 08:28टालें
उद्वेग08:28 – 09:57टालें
चर09:57 – 11:25सामान्य
लाभ11:25 – 12:53शुभ
अमृत12:53 – 14:22शुभ
काल14:22 – 15:50टालें
शुभ15:50 – 17:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:18 – 18:50शुभ
चर18:50 – 20:22सामान्य
रोग20:22 – 21:53टालें
काल21:53 – 23:25टालें
लाभ23:25 – 00:56शुभ
उद्वेग00:56 – 02:28टालें
शुभ02:28 – 03:59शुभ
अमृत03:59 – 05:31शुभ

6 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 10:51 तक
शुक्ल अष्टमी 09:19, 7 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 00:05, 7 मार्च तक
मृगशिरा 23:32, 7 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 20:29 तक
प्रीति 18:14, 7 मार्च तक
करण
वणिज 10:51 तक
विष्टि (भद्रा) 22:01 तक
बव 09:19, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
09:51
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:49

अशुभ समय

राहुकाल
12:53 – 14:22
यमगंड
05:32 – 07:00
गुलिक काल
08:28 – 09:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3206:31दिन
मंगल06:3107:30दिन
सूर्य07:3008:28दिन
शुक्र08:2809:27दिन
बुध09:2710:26दिन
चंद्र10:2611:25दिन
शनि11:2512:24दिन
गुरु12:2413:23दिन
मंगल13:2314:22दिन
सूर्य14:2215:21दिन
शुक्र15:2116:20दिन
बुध16:2017:18दिन
चंद्र17:1818:19रात
शनि18:1919:21रात
गुरु19:2120:22रात
मंगल20:2221:23रात
सूर्य21:2322:24रात
शुक्र22:2423:25रात
बुध23:2500:26रात
चंद्र00:2601:27रात
शनि01:2702:28रात
गुरु02:2803:29रात
मंगल03:2904:30रात
सूर्य04:3005:31रात

अयनांश 24.2088° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।