11 मार्च 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 11 मार्च 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 मार्च 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:14 तक), नक्षत्र आश्लेषा (02:15, 12 मार्च तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 14:22 से 15:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 17:21
रात 05:26 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 02:15 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:27 – 06:56टालें
उद्वेग06:56 – 08:25टालें
चर08:25 – 09:55सामान्य
लाभ09:55 – 11:24शुभ
अमृत11:24 – 12:53शुभ
काल12:53 – 14:22टालें
शुभ14:22 – 15:52शुभ
रोग15:52 – 17:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:21 – 18:51टालें
लाभ18:51 – 20:22शुभ
उद्वेग20:22 – 21:53टालें
शुभ21:53 – 23:23शुभ
अमृत23:23 – 00:54शुभ
चर00:54 – 02:25सामान्य
रोग02:25 – 03:55टालें
काल03:55 – 05:26टालें

11 मार्च 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:14 तक
शुक्ल त्रयोदशी 09:12, 12 मार्च तक
नक्षत्र
आश्लेषा 02:15, 12 मार्च तक
मघा 04:05, 13 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 13:17 तक
सुकर्मा 13:00, 12 मार्च तक
करण
बालव 08:14 तक
कौलव 20:39 तक
तैतिल 09:12, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 02:15, 12 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
14:48
चंद्रास्त
03:42
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:00 – 11:48

अशुभ समय

राहुकाल
14:22 – 15:52
यमगंड
08:25 – 09:55
गुलिक काल
11:24 – 12:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2706:26दिन
सूर्य06:2607:26दिन
शुक्र07:2608:25दिन
बुध08:2509:25दिन
चंद्र09:2510:24दिन
शनि10:2411:24दिन
गुरु11:2412:23दिन
मंगल12:2313:23दिन
सूर्य13:2314:22दिन
शुक्र14:2215:22दिन
बुध15:2216:21दिन
चंद्र16:2117:21दिन
शनि17:2118:21रात
गुरु18:2119:22रात
मंगल19:2220:22रात
सूर्य20:2221:23रात
शुक्र21:2322:23रात
बुध22:2323:23रात
चंद्र23:2300:24रात
शनि00:2401:24रात
गुरु01:2402:25रात
मंगल02:2503:25रात
सूर्य03:2504:26रात
शुक्र04:2605:26रात

अयनांश 24.2089° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।