17 मार्च 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 17 मार्च 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 17 मार्च 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (19:33 तक), नक्षत्र चित्रा (14:47 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 06:51 से 08:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 17:24
रात 05:20 तक
तिथि
तृतीया, 19:33 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
चित्रा, 14:47 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:21 – 06:51शुभ
काल06:51 – 08:22टालें
शुभ08:22 – 09:52शुभ
रोग09:52 – 11:22टालें
उद्वेग11:22 – 12:53टालें
चर12:53 – 14:23सामान्य
लाभ14:23 – 15:53शुभ
अमृत15:53 – 17:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:24 – 18:53सामान्य
रोग18:53 – 20:23टालें
काल20:23 – 21:52टालें
लाभ21:52 – 23:22शुभ
उद्वेग23:22 – 00:51टालें
शुभ00:51 – 02:21शुभ
अमृत02:21 – 03:50शुभ
चर03:50 – 05:20सामान्य

17 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 19:33 तक
कृष्ण चतुर्थी 22:09, 18 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 14:47 तक
स्वाति 17:51, 18 मार्च तक
योग
ध्रुव 15:45 तक
व्याघातअशुभ 16:43, 18 मार्च तक
करण
वणिज 06:15 तक
विष्टि (भद्रा) 19:33 तक
बव 08:52, 18 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
20:03
चंद्रास्त
06:46
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:46

अशुभ समय

राहुकाल
06:51 – 08:22
यमगंड
09:52 – 11:22
गुलिक काल
12:53 – 14:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2106:21दिन
शनि06:2107:21दिन
गुरु07:2108:22दिन
मंगल08:2209:22दिन
सूर्य09:2210:22दिन
शुक्र10:2211:22दिन
बुध11:2212:22दिन
चंद्र12:2213:23दिन
शनि13:2314:23दिन
गुरु14:2315:23दिन
मंगल15:2316:23दिन
सूर्य16:2317:24दिन
शुक्र17:2418:23रात
बुध18:2319:23रात
चंद्र19:2320:23रात
शनि20:2321:22रात
गुरु21:2222:22रात
मंगल22:2223:22रात
सूर्य23:2200:21रात
शुक्र00:2101:21रात
बुध01:2102:21रात
चंद्र02:2103:21रात
शनि03:2104:20रात
गुरु04:2005:20रात

अयनांश 24.2092° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।