9 सितंबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 9 सितंबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 9 सितंबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (18:29 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (18:07 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 14:18 से 15:51 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 17:24
रात 04:58 तक
तिथि
द्वितीया, 18:29 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 18:07 तक
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग04:58 – 06:31टालें
उद्वेग06:31 – 08:04टालें
चर08:04 – 09:38सामान्य
लाभ09:38 – 11:11शुभ
अमृत11:11 – 12:44शुभ
काल12:44 – 14:18टालें
शुभ14:18 – 15:51शुभ
रोग15:51 – 17:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:24 – 18:51टालें
लाभ18:51 – 20:18शुभ
उद्वेग20:18 – 21:44टालें
शुभ21:44 – 23:11शुभ
अमृत23:11 – 00:38शुभ
चर00:38 – 02:05सामान्य
रोग02:05 – 03:31टालें
काल03:31 – 04:58टालें

9 सितंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 18:29 तक
कृष्ण तृतीया 15:38, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 16:03, 10 सित॰ तक
योग
गंडअशुभ 23:58 तक
वृद्धि 20:31, 10 सित॰ तक
करण
तैतिल 07:52 तक
गर 18:29 तक
वणिज 05:04, 10 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
18:25
चंद्रास्त
06:16
दिनमान
12h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:25 – 04:11
अभिजीत मुहूर्त
10:46 – 11:36

अशुभ समय

राहुकाल
14:18 – 15:51
यमगंड
08:04 – 09:38
गुलिक काल
11:11 – 12:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल04:5806:00दिन
सूर्य06:0007:02दिन
शुक्र07:0208:04दिन
बुध08:0409:06दिन
चंद्र09:0610:09दिन
शनि10:0911:11दिन
गुरु11:1112:13दिन
मंगल12:1313:15दिन
सूर्य13:1514:18दिन
शुक्र14:1815:20दिन
बुध15:2016:22दिन
चंद्र16:2217:24दिन
शनि17:2418:22रात
गुरु18:2219:20रात
मंगल19:2020:18रात
सूर्य20:1821:15रात
शुक्र21:1522:13रात
बुध22:1323:11रात
चंद्र23:1100:09रात
शनि00:0901:07रात
गुरु01:0702:05रात
मंगल02:0503:02रात
सूर्य03:0204:00रात
शुक्र04:0004:58रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।