10 सितंबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 10 सितंबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 10 सितंबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (15:38 तक), नक्षत्र रेवती (16:03 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 11:11 से 12:44 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 17:23
रात 04:58 तक
तिथि
तृतीया, 15:38 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रेवती, 16:03 तक
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ04:58 – 06:31शुभ
अमृत06:31 – 08:04शुभ
काल08:04 – 09:37टालें
शुभ09:37 – 11:11शुभ
रोग11:11 – 12:44टालें
उद्वेग12:44 – 14:17टालें
चर14:17 – 15:50सामान्य
लाभ15:50 – 17:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:23 – 18:50टालें
शुभ18:50 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 21:44शुभ
चर21:44 – 23:11सामान्य
रोग23:11 – 00:38टालें
काल00:38 – 02:05टालें
लाभ02:05 – 03:31शुभ
उद्वेग03:31 – 04:58टालें

10 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 15:38 तक
कृष्ण चतुर्थी 12:46, 11 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 16:03 तक
अश्विनी 13:58, 11 सित॰ तक
योग
वृद्धि 20:31 तक
ध्रुव 17:04, 11 सित॰ तक
करण
वणिज 05:04 तक
विष्टि (भद्रा) 15:38 तक
बव 02:11, 11 सित॰ तक
बालव 12:46, 11 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 16:03 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
19:02
चंद्रास्त
07:20
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:25 – 04:12
अभिजीत मुहूर्त
10:46 – 11:35 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:11 – 12:44
यमगंड
06:31 – 08:04
गुलिक काल
09:37 – 11:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध04:5806:00दिन
चंद्र06:0007:02दिन
शनि07:0208:04दिन
गुरु08:0409:06दिन
मंगल09:0610:08दिन
सूर्य10:0811:11दिन
शुक्र11:1112:13दिन
बुध12:1313:15दिन
चंद्र13:1514:17दिन
शनि14:1715:19दिन
गुरु15:1916:21दिन
मंगल16:2117:23दिन
सूर्य17:2318:21रात
शुक्र18:2119:19रात
बुध19:1920:17रात
चंद्र20:1721:15रात
शनि21:1522:13रात
गुरु22:1323:11रात
मंगल23:1100:09रात
सूर्य00:0901:07रात
शुक्र01:0702:05रात
बुध02:0503:02रात
चंद्र03:0204:00रात
शनि04:0004:58रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।