19 सितंबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (23:37 तक), नक्षत्र आश्लेषा (07:05 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:01 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 09:36 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:01 – 17:13
रात 05:02 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:37 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:01 – 06:33सामान्य
लाभ06:33 – 08:04शुभ
अमृत08:04 – 09:36शुभ
काल09:36 – 11:07टालें
शुभ11:07 – 12:39शुभ
रोग12:39 – 14:10टालें
उद्वेग14:10 – 15:42टालें
चर15:42 – 17:13सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:13 – 18:42टालें
काल18:42 – 20:10टालें
लाभ20:10 – 21:39शुभ
उद्वेग21:39 – 23:08टालें
शुभ23:08 – 00:36शुभ
अमृत00:36 – 02:05शुभ
चर02:05 – 03:33सामान्य
रोग03:33 – 05:02टालें

19 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 23:37 तक
कृष्ण चतुर्दशी 00:17, 21 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 08:05, 20 सित॰ तक
योग
सिद्ध 20:41 तक
साध्य 20:06, 20 सित॰ तक
करण
गर 11:27 तक
वणिज 23:37 तक
विष्टि (भद्रा) 11:54, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 07:05 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:01
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
02:30
चंद्रास्त
15:51
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:27 – 04:14
अभिजीत मुहूर्त
10:43 – 11:32

अशुभ समय

राहुकाल
09:36 – 11:07
यमगंड
14:10 – 15:42
गुलिक काल
06:33 – 08:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0106:02दिन
बुध06:0207:03दिन
चंद्र07:0308:04दिन
शनि08:0409:05दिन
गुरु09:0510:06दिन
मंगल10:0611:07दिन
सूर्य11:0712:08दिन
शुक्र12:0813:09दिन
बुध13:0914:10दिन
चंद्र14:1015:11दिन
शनि15:1116:12दिन
गुरु16:1217:13दिन
मंगल17:1318:12रात
सूर्य18:1219:11रात
शुक्र19:1120:10रात
बुध20:1021:09रात
चंद्र21:0922:09रात
शनि22:0923:08रात
गुरु23:0800:07रात
मंगल00:0701:06रात
सूर्य01:0602:05रात
शुक्र02:0503:04रात
बुध03:0404:03रात
चंद्र04:0305:02रात

अयनांश 24.2163° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।