24 सितंबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 24 सितंबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 24 सितंबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (07:06, 25 सित॰ तक), नक्षत्र चित्रा (16:16 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:03 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 11:06 से 12:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:03 – 17:08
रात 05:03 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
चित्रा, 16:16 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:03 – 06:34शुभ
अमृत06:34 – 08:04शुभ
काल08:04 – 09:35टालें
शुभ09:35 – 11:06शुभ
रोग11:06 – 12:36टालें
उद्वेग12:36 – 14:07टालें
चर14:07 – 15:37सामान्य
लाभ15:37 – 17:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:08 – 18:38टालें
शुभ18:38 – 20:07शुभ
अमृत20:07 – 21:36शुभ
चर21:36 – 23:06सामान्य
रोग23:06 – 00:35टालें
काल00:35 – 02:05टालें
लाभ02:05 – 03:34शुभ
उद्वेग03:34 – 05:03टालें

24 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 07:06, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 16:16 तक
स्वाति 19:08, 25 सित॰ तक
योग
इंद्र 21:02 तक
वैधृतिअशुभ 21:53, 25 सित॰ तक
करण
तैतिल 17:57 तक
गर 07:06, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:03
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
06:59
चंद्रास्त
18:23
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:28 – 04:15
अभिजीत मुहूर्त
10:41 – 11:30 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:06 – 12:36
यमगंड
06:34 – 08:04
गुलिक काल
09:35 – 11:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:0306:03दिन
चंद्र06:0307:04दिन
शनि07:0408:04दिन
गुरु08:0409:05दिन
मंगल09:0510:05दिन
सूर्य10:0511:06दिन
शुक्र11:0612:06दिन
बुध12:0613:06दिन
चंद्र13:0614:07दिन
शनि14:0715:07दिन
गुरु15:0716:08दिन
मंगल16:0817:08दिन
सूर्य17:0818:08रात
शुक्र18:0819:07रात
बुध19:0720:07रात
चंद्र20:0721:07रात
शनि21:0722:06रात
गुरु22:0623:06रात
मंगल23:0600:05रात
सूर्य00:0501:05रात
शुक्र01:0502:05रात
बुध02:0503:04रात
चंद्र03:0404:04रात
शनि04:0405:03रात

अयनांश 24.2165° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।