20 अक्टूबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (15:45 तक), नक्षत्र हस्त (20:16 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:14 पर और सूर्यास्त 16:43 पर है। राहुकाल 06:40 से 08:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:14 – 16:43
रात 05:15 तक
तिथि
चतुर्दशी, 15:45 तक
अमावस्या
नक्षत्र
हस्त, 20:16 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:14 – 06:40शुभ
काल06:40 – 08:06टालें
शुभ08:06 – 09:32शुभ
रोग09:32 – 10:58टालें
उद्वेग10:58 – 12:24टालें
चर12:24 – 13:50सामान्य
लाभ13:50 – 15:16शुभ
अमृत15:16 – 16:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:43 – 18:17सामान्य
रोग18:17 – 19:51टालें
काल19:51 – 21:25टालें
लाभ21:25 – 22:59शुभ
उद्वेग22:59 – 00:33टालें
शुभ00:33 – 02:07शुभ
अमृत02:07 – 03:41शुभ
चर03:41 – 05:15सामान्य

20 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 15:45 तक
अमावस्या 17:55, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 20:16 तक
चित्रा 22:58, 21 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 02:34, 21 अक्टू॰ तक
विष्कंभअशुभ 03:16, 22 अक्टू॰ तक
करण
शकुनि 15:45 तक
चतुष्पद 04:48, 21 अक्टू॰ तक
नाग 17:55, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:14
सूर्यास्त
16:43
चंद्रोदय
04:01
चंद्रास्त
15:54
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:34 – 04:24
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:21

अशुभ समय

राहुकाल
06:40 – 08:06
यमगंड
09:32 – 10:58
गुलिक काल
12:24 – 13:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1406:12दिन
शनि06:1207:09दिन
गुरु07:0908:06दिन
मंगल08:0609:04दिन
सूर्य09:0410:01दिन
शुक्र10:0110:58दिन
बुध10:5811:56दिन
चंद्र11:5612:53दिन
शनि12:5313:50दिन
गुरु13:5014:48दिन
मंगल14:4815:45दिन
सूर्य15:4516:43दिन
शुक्र16:4317:45रात
बुध17:4518:48रात
चंद्र18:4819:51रात
शनि19:5120:53रात
गुरु20:5321:56रात
मंगल21:5622:59रात
सूर्य22:5900:01रात
शुक्र00:0101:04रात
बुध01:0402:07रात
चंद्र02:0703:09रात
शनि03:0904:12रात
गुरु04:1205:15रात

अयनांश 24.2175° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।