17 नवंबर 2025 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 17 नवंबर 2025, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 17 नवंबर 2025 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (07:12, 18 नव॰ तक), नक्षत्र चित्रा (05:01, 18 नव॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 16:26 पर है। राहुकाल 06:53 से 08:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 16:26
रात 05:32 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
चित्रा, 05:01 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:31 – 06:53शुभ
काल06:53 – 08:15टालें
शुभ08:15 – 09:37शुभ
रोग09:37 – 10:59टालें
उद्वेग10:59 – 12:20टालें
चर12:20 – 13:42सामान्य
लाभ13:42 – 15:04शुभ
अमृत15:04 – 16:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:26 – 18:04सामान्य
रोग18:04 – 19:42टालें
काल19:42 – 21:21टालें
लाभ21:21 – 22:59शुभ
उद्वेग22:59 – 00:37टालें
शुभ00:37 – 02:15शुभ
अमृत02:15 – 03:54शुभ
चर03:54 – 05:32सामान्य

17 नवंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 07:12, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 05:01, 18 नव॰ तक
स्वाति 07:59, 19 नव॰ तक
योग
प्रीति 07:22 तक
आयुष्मान 08:09, 18 नव॰ तक
करण
गर 17:59 तक
वणिज 07:12, 18 नव॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 15:35 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
16:26
चंद्रोदय
02:49
चंद्रास्त
14:27
दिनमान
10h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
10:37 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
06:53 – 08:15
यमगंड
09:37 – 10:59
गुलिक काल
12:20 – 13:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3106:26दिन
शनि06:2607:20दिन
गुरु07:2008:15दिन
मंगल08:1509:09दिन
सूर्य09:0910:04दिन
शुक्र10:0410:59दिन
बुध10:5911:53दिन
चंद्र11:5312:48दिन
शनि12:4813:42दिन
गुरु13:4214:37दिन
मंगल14:3715:31दिन
सूर्य15:3116:26दिन
शुक्र16:2617:31रात
बुध17:3118:37रात
चंद्र18:3719:42रात
शनि19:4220:48रात
गुरु20:4821:53रात
मंगल21:5322:59रात
सूर्य22:5900:04रात
शुक्र00:0401:10रात
बुध01:1002:15रात
चंद्र02:1503:21रात
शनि03:2104:26रात
गुरु04:2605:32रात

अयनांश 24.2185° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।