2 जनवरी 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 जनवरी 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (18:53 तक), नक्षत्र मृगशिरा (20:04 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 16:37 पर है। राहुकाल 09:58 से 11:18 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 16:37
रात 05:59 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:53 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मृगशिरा, 20:04 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:59 – 07:18सामान्य
लाभ07:18 – 08:38शुभ
अमृत08:38 – 09:58शुभ
काल09:58 – 11:18टालें
शुभ11:18 – 12:37शुभ
रोग12:37 – 13:57टालें
उद्वेग13:57 – 15:17टालें
चर15:17 – 16:37सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:37 – 18:17टालें
काल18:17 – 19:57टालें
लाभ19:57 – 21:38शुभ
उद्वेग21:38 – 23:18टालें
शुभ23:18 – 00:58शुभ
अमृत00:58 – 02:38शुभ
चर02:38 – 04:19सामान्य
रोग04:19 – 05:59टालें

2 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 18:53 तक
पूर्णिमा 15:32, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 17:28, 3 जन॰ तक
योग
शुक्ल 13:07 तक
ब्रह्म 09:05, 3 जन॰ तक
करण
गर 08:38 तक
वणिज 18:53 तक
विष्टि (भद्रा) 05:11, 3 जन॰ तक
बव 15:32, 3 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 09:26 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
16:37
चंद्रोदय
15:19
चंद्रास्त
04:44
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
10:56 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
09:58 – 11:18
यमगंड
13:57 – 15:17
गुलिक काल
07:18 – 08:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5906:52दिन
बुध06:5207:45दिन
चंद्र07:4508:38दिन
शनि08:3809:31दिन
गुरु09:3110:24दिन
मंगल10:2411:18दिन
सूर्य11:1812:11दिन
शुक्र12:1113:04दिन
बुध13:0413:57दिन
चंद्र13:5714:50दिन
शनि14:5015:44दिन
गुरु15:4416:37दिन
मंगल16:3717:44रात
सूर्य17:4418:50रात
शुक्र18:5019:57रात
बुध19:5721:04रात
चंद्र21:0422:11रात
शनि22:1123:18रात
गुरु23:1800:25रात
मंगल00:2501:31रात
सूर्य01:3102:38रात
शुक्र02:3803:45रात
बुध03:4504:52रात
चंद्र04:5205:59रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।