1 जनवरी 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 1 जनवरी 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (22:22 तक), नक्षत्र रोहिणी (22:48 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 16:36 पर है। राहुकाल 12:37 से 13:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 16:36
रात 05:59 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:22 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रोहिणी, 22:48 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:58 – 07:18शुभ
रोग07:18 – 08:38टालें
उद्वेग08:38 – 09:57टालें
चर09:57 – 11:17सामान्य
लाभ11:17 – 12:37शुभ
अमृत12:37 – 13:57शुभ
काल13:57 – 15:16टालें
शुभ15:16 – 16:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:36 – 18:16शुभ
चर18:16 – 19:57सामान्य
रोग19:57 – 21:37टालें
काल21:37 – 23:17टालें
लाभ23:17 – 00:58शुभ
उद्वेग00:58 – 02:38टालें
शुभ02:38 – 04:18शुभ
अमृत04:18 – 05:59शुभ

1 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 22:22 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:53, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 22:48 तक
मृगशिरा 20:04, 2 जन॰ तक
योग
शुभ 17:12 तक
शुक्ल 13:07, 2 जन॰ तक
करण
कौलव 12:06 तक
तैतिल 22:22 तक
गर 08:38, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
16:36
चंद्रोदय
14:15
चंद्रास्त
03:33
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
10:56 – 11:38

अशुभ समय

राहुकाल
12:37 – 13:57
यमगंड
05:58 – 07:18
गुलिक काल
08:38 – 09:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5806:51दिन
मंगल06:5107:45दिन
सूर्य07:4508:38दिन
शुक्र08:3809:31दिन
बुध09:3110:24दिन
चंद्र10:2411:17दिन
शनि11:1712:10दिन
गुरु12:1013:04दिन
मंगल13:0413:57दिन
सूर्य13:5714:50दिन
शुक्र14:5015:43दिन
बुध15:4316:36दिन
चंद्र16:3617:43रात
शनि17:4318:50रात
गुरु18:5019:57रात
मंगल19:5721:04रात
सूर्य21:0422:10रात
शुक्र22:1023:17रात
बुध23:1700:24रात
चंद्र00:2401:31रात
शनि01:3102:38रात
गुरु02:3803:45रात
मंगल03:4504:52रात
सूर्य04:5205:59रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।