6 जनवरी 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 6 जनवरी 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (08:02 तक), नक्षत्र आश्लेषा (12:17 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 16:40 पर है। राहुकाल 14:00 से 15:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 16:40
रात 06:00 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा, 12:17 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:59 – 07:19टालें
उद्वेग07:19 – 08:39टालें
चर08:39 – 09:59सामान्य
लाभ09:59 – 11:19शुभ
अमृत11:19 – 12:40शुभ
काल12:40 – 14:00टालें
शुभ14:00 – 15:20शुभ
रोग15:20 – 16:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:40 – 18:20टालें
लाभ18:20 – 20:00शुभ
उद्वेग20:00 – 21:40टालें
शुभ21:40 – 23:20शुभ
अमृत23:20 – 01:00शुभ
चर01:00 – 02:40सामान्य
रोग02:40 – 04:20टालें
काल04:20 – 06:00टालें

6 जनवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 08:02 तक
कृष्ण चतुर्थी 06:53, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:56, 7 जन॰ तक
योग
प्रीति 20:21 तक
आयुष्मान 18:33, 7 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:02 तक
बव 19:21 तक
बालव 06:53, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 12:17 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
16:40
चंद्रोदय
19:49
चंद्रास्त
08:20
दिनमान
10h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
14:00 – 15:20
यमगंड
08:39 – 09:59
गुलिक काल
11:19 – 12:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5906:53दिन
सूर्य06:5307:46दिन
शुक्र07:4608:39दिन
बुध08:3909:33दिन
चंद्र09:3310:26दिन
शनि10:2611:19दिन
गुरु11:1912:13दिन
मंगल12:1313:06दिन
सूर्य13:0614:00दिन
शुक्र14:0014:53दिन
बुध14:5315:46दिन
चंद्र15:4616:40दिन
शनि16:4017:46रात
गुरु17:4618:53रात
मंगल18:5320:00रात
सूर्य20:0021:06रात
शुक्र21:0622:13रात
बुध22:1323:20रात
चंद्र23:2000:26रात
शनि00:2601:33रात
गुरु01:3302:40रात
मंगल02:4003:46रात
सूर्य03:4604:53रात
शुक्र04:5306:00रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।