12 जनवरी 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 12 जनवरी 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 जनवरी 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (12:43 तक), नक्षत्र स्वाति (21:05 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 16:44 पर है। राहुकाल 07:21 से 08:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 16:44
रात 06:00 तक
तिथि
नवमी, 12:43 तक
दशमी
नक्षत्र
स्वाति, 21:05 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:00 – 07:21शुभ
काल07:21 – 08:41टालें
शुभ08:41 – 10:02शुभ
रोग10:02 – 11:22टालें
उद्वेग11:22 – 12:42टालें
चर12:42 – 14:03सामान्य
लाभ14:03 – 15:23शुभ
अमृत15:23 – 16:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:44 – 18:23सामान्य
रोग18:23 – 20:03टालें
काल20:03 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 23:22शुभ
उद्वेग23:22 – 01:02टालें
शुभ01:02 – 02:41शुभ
अमृत02:41 – 04:21शुभ
चर04:21 – 06:00सामान्य

12 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 12:43 तक
कृष्ण दशमी 15:18, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 21:05 तक
विशाखा 00:06, 14 जन॰ तक
योग
धृति 18:12 तक
शूलअशुभ 19:04, 13 जन॰ तक
करण
गर 12:43 तक
वणिज 02:00, 13 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:18, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
16:44
चंद्रोदय
00:22
चंद्रास्त
11:33
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:43

अशुभ समय

राहुकाल
07:21 – 08:41
यमगंड
10:02 – 11:22
गुलिक काल
12:42 – 14:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0006:54दिन
शनि06:5407:47दिन
गुरु07:4708:41दिन
मंगल08:4109:35दिन
सूर्य09:3510:28दिन
शुक्र10:2811:22दिन
बुध11:2212:16दिन
चंद्र12:1613:09दिन
शनि13:0914:03दिन
गुरु14:0314:57दिन
मंगल14:5715:50दिन
सूर्य15:5016:44दिन
शुक्र16:4417:50रात
बुध17:5018:57रात
चंद्र18:5720:03रात
शनि20:0321:09रात
गुरु21:0922:16रात
मंगल22:1623:22रात
सूर्य23:2200:28रात
शुक्र00:2801:35रात
बुध01:3502:41रात
चंद्र02:4103:47रात
शनि03:4704:54रात
गुरु04:5406:00रात

अयनांश 24.2207° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।