18 फ़रवरी 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 18 फ़रवरी 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 18 फ़रवरी 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (16:58 तक), नक्षत्र शतभिषा (21:16 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:46 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 11:28 से 12:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:46 – 17:10
रात 05:45 तक
तिथि
प्रतिपदा, 16:58 तक
द्वितीया
नक्षत्र
शतभिषा, 21:16 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:46 – 07:11शुभ
अमृत07:11 – 08:37शुभ
काल08:37 – 10:02टालें
शुभ10:02 – 11:28शुभ
रोग11:28 – 12:53टालें
उद्वेग12:53 – 14:19टालें
चर14:19 – 15:44सामान्य
लाभ15:44 – 17:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:10 – 18:44टालें
शुभ18:44 – 20:19शुभ
अमृत20:19 – 21:53शुभ
चर21:53 – 23:27सामान्य
रोग23:27 – 01:02टालें
काल01:02 – 02:36टालें
लाभ02:36 – 04:11शुभ
उद्वेग04:11 – 05:45टालें

18 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 16:58 तक
शुक्ल द्वितीया 15:59, 19 फ़र॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 21:16 तक
पूर्वा भाद्रपद 20:52, 19 फ़र॰ तक
योग
शिव 22:45 तक
सिद्ध 20:42, 19 फ़र॰ तक
करण
बव 16:58 तक
बालव 04:31, 19 फ़र॰ तक
कौलव 15:59, 19 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
06:11
चंद्रास्त
18:02
दिनमान
11h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:51 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:28 – 12:53
यमगंड
07:11 – 08:37
गुलिक काल
10:02 – 11:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4606:43दिन
चंद्र06:4307:40दिन
शनि07:4008:37दिन
गुरु08:3709:34दिन
मंगल09:3410:31दिन
सूर्य10:3111:28दिन
शुक्र11:2812:25दिन
बुध12:2513:22दिन
चंद्र13:2214:19दिन
शनि14:1915:16दिन
गुरु15:1616:13दिन
मंगल16:1317:10दिन
सूर्य17:1018:13रात
शुक्र18:1319:16रात
बुध19:1620:19रात
चंद्र20:1921:21रात
शनि21:2122:24रात
गुरु22:2423:27रात
मंगल23:2700:30रात
सूर्य00:3001:33रात
शुक्र01:3302:36रात
बुध02:3603:39रात
चंद्र03:3904:42रात
शनि04:4205:45रात

अयनांश 24.2221° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।