19 फ़रवरी 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (15:59 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (20:52 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 12:53 से 14:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 17:10
रात 05:44 तक
तिथि
द्वितीया, 15:59 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 20:52 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:45 – 07:11शुभ
रोग07:11 – 08:36टालें
उद्वेग08:36 – 10:02टालें
चर10:02 – 11:28सामान्य
लाभ11:28 – 12:53शुभ
अमृत12:53 – 14:19शुभ
काल14:19 – 15:45टालें
शुभ15:45 – 17:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:10 – 18:45शुभ
चर18:45 – 20:19सामान्य
रोग20:19 – 21:53टालें
काल21:53 – 23:27टालें
लाभ23:27 – 01:02शुभ
उद्वेग01:02 – 02:36टालें
शुभ02:36 – 04:10शुभ
अमृत04:10 – 05:44शुभ

19 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 15:59 तक
शुक्ल तृतीया 14:38, 20 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 20:07, 20 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 20:42 तक
साध्य 18:23, 20 फ़र॰ तक
करण
कौलव 15:59 तक
तैतिल 03:21, 20 फ़र॰ तक
गर 14:38, 20 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 15:00 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
06:44
चंद्रास्त
19:00
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:51

अशुभ समय

राहुकाल
12:53 – 14:19
यमगंड
05:45 – 07:11
गुलिक काल
08:36 – 10:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4506:42दिन
मंगल06:4207:39दिन
सूर्य07:3908:36दिन
शुक्र08:3609:33दिन
बुध09:3310:31दिन
चंद्र10:3111:28दिन
शनि11:2812:25दिन
गुरु12:2513:22दिन
मंगल13:2214:19दिन
सूर्य14:1915:16दिन
शुक्र15:1616:13दिन
बुध16:1317:10दिन
चंद्र17:1018:13रात
शनि18:1319:16रात
गुरु19:1620:19रात
मंगल20:1921:22रात
सूर्य21:2222:24रात
शुक्र22:2423:27रात
बुध23:2700:30रात
चंद्र00:3001:33रात
शनि01:3302:36रात
गुरु02:3603:39रात
मंगल03:3904:41रात
सूर्य04:4105:44रात

अयनांश 24.2221° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।