20 फ़रवरी 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (14:38 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (20:07 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 17:11 पर है। राहुकाल 10:02 से 11:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 17:11
रात 05:44 तक
तिथि
तृतीया, 14:38 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 20:07 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:44 – 07:10सामान्य
लाभ07:10 – 08:36शुभ
अमृत08:36 – 10:02शुभ
काल10:02 – 11:28टालें
शुभ11:28 – 12:53शुभ
रोग12:53 – 14:19टालें
उद्वेग14:19 – 15:45टालें
चर15:45 – 17:11सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:11 – 18:45टालें
काल18:45 – 20:19टालें
लाभ20:19 – 21:53शुभ
उद्वेग21:53 – 23:27टालें
शुभ23:27 – 01:01शुभ
अमृत01:01 – 02:35शुभ
चर02:35 – 04:09सामान्य
रोग04:09 – 05:44टालें

20 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 14:38 तक
शुक्ल चतुर्थी 13:01, 21 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 19:07, 21 फ़र॰ तक
योग
साध्य 18:23 तक
शुभ 15:51, 21 फ़र॰ तक
करण
गर 14:38 तक
वणिज 01:52, 21 फ़र॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:01, 21 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
17:11
चंद्रोदय
07:17
चंद्रास्त
19:59
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
10:02 – 11:28
यमगंड
14:19 – 15:45
गुलिक काल
07:10 – 08:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4406:42दिन
बुध06:4207:39दिन
चंद्र07:3908:36दिन
शनि08:3609:33दिन
गुरु09:3310:30दिन
मंगल10:3011:28दिन
सूर्य11:2812:25दिन
शुक्र12:2513:22दिन
बुध13:2214:19दिन
चंद्र14:1915:16दिन
शनि15:1616:14दिन
गुरु16:1417:11दिन
मंगल17:1118:14रात
सूर्य18:1419:16रात
शुक्र19:1620:19रात
बुध20:1921:22रात
चंद्र21:2222:24रात
शनि22:2423:27रात
गुरु23:2700:30रात
मंगल00:3001:33रात
सूर्य01:3302:35रात
शुक्र02:3503:38रात
बुध03:3804:41रात
चंद्र04:4105:44रात

अयनांश 24.2222° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।