3 अप्रैल 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (08:42 तक), नक्षत्र चित्रा (19:25 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:04 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 09:44 से 11:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:04 – 17:31
रात 05:03 तक
तिथि
प्रतिपदा, 08:42 तक
द्वितीया
नक्षत्र
चित्रा, 19:25 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:04 – 06:37सामान्य
लाभ06:37 – 08:10शुभ
अमृत08:10 – 09:44शुभ
काल09:44 – 11:17टालें
शुभ11:17 – 12:51शुभ
रोग12:51 – 14:24टालें
उद्वेग14:24 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:31सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:31 – 18:57टालें
काल18:57 – 20:24टालें
लाभ20:24 – 21:50शुभ
उद्वेग21:50 – 23:17टालें
शुभ23:17 – 00:43शुभ
अमृत00:43 – 02:10शुभ
चर02:10 – 03:36सामान्य
रोग03:36 – 05:03टालें

3 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 08:42 तक
कृष्ण द्वितीया 10:09, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
चित्रा 19:25 तक
स्वाति 21:35, 4 अप्रैल तक
योग
व्याघातअशुभ 14:08 तक
हर्षण 14:17, 4 अप्रैल तक
करण
कौलव 08:42 तक
तैतिल 21:23 तक
गर 10:09, 4 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कन्या 06:28 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:04
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
18:44
चंद्रास्त
05:26
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:31 – 04:18
अभिजीत मुहूर्त
10:52 – 11:42

अशुभ समय

राहुकाल
09:44 – 11:17
यमगंड
14:24 – 15:57
गुलिक काल
06:37 – 08:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0406:06दिन
बुध06:0607:08दिन
चंद्र07:0808:10दिन
शनि08:1009:13दिन
गुरु09:1310:15दिन
मंगल10:1511:17दिन
सूर्य11:1712:19दिन
शुक्र12:1913:22दिन
बुध13:2214:24दिन
चंद्र14:2415:26दिन
शनि15:2616:28दिन
गुरु16:2817:31दिन
मंगल17:3118:28रात
सूर्य18:2819:26रात
शुक्र19:2620:24रात
बुध20:2421:21रात
चंद्र21:2122:19रात
शनि22:1923:17रात
गुरु23:1700:14रात
मंगल00:1401:12रात
सूर्य01:1202:10रात
शुक्र02:1003:07रात
बुध03:0704:05रात
चंद्र04:0505:03रात

अयनांश 24.2238° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।