2 अक्टूबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (10:15 तक), नक्षत्र मृगशिरा (02:55, 3 अक्टू॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:06 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 09:34 से 11:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:06 – 17:00
रात 05:06 तक
तिथि
षष्ठी, 10:15 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 02:55 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:06 – 06:35सामान्य
लाभ06:35 – 08:04शुभ
अमृत08:04 – 09:34शुभ
काल09:34 – 11:03टालें
शुभ11:03 – 12:32शुभ
रोग12:32 – 14:01टालें
उद्वेग14:01 – 15:31टालें
चर15:31 – 17:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:00 – 18:31टालें
काल18:31 – 20:02टालें
लाभ20:02 – 21:32शुभ
उद्वेग21:32 – 23:03टालें
शुभ23:03 – 00:34शुभ
अमृत00:34 – 02:05शुभ
चर02:05 – 03:36सामान्य
रोग03:36 – 05:06टालें

2 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 10:15 तक
कृष्ण सप्तमी 08:00, 3 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 02:55, 3 अक्टू॰ तक
आर्द्रा 01:29, 4 अक्टू॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 18:17 तक
वरीयान 15:21, 3 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 10:15 तक
विष्टि (भद्रा) 21:07 तक
बव 08:00, 3 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 15:40 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:06
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
21:21
चंद्रास्त
10:47
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:29 – 04:18
अभिजीत मुहूर्त
10:39 – 11:27

अशुभ समय

राहुकाल
09:34 – 11:03
यमगंड
14:01 – 15:31
गुलिक काल
06:35 – 08:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0606:06दिन
बुध06:0607:05दिन
चंद्र07:0508:04दिन
शनि08:0409:04दिन
गुरु09:0410:03दिन
मंगल10:0311:03दिन
सूर्य11:0312:02दिन
शुक्र12:0213:02दिन
बुध13:0214:01दिन
चंद्र14:0115:01दिन
शनि15:0116:00दिन
गुरु16:0017:00दिन
मंगल17:0018:00रात
सूर्य18:0019:01रात
शुक्र19:0120:02रात
बुध20:0221:02रात
चंद्र21:0222:03रात
शनि22:0323:03रात
गुरु23:0300:04रात
मंगल00:0401:04रात
सूर्य01:0402:05रात
शुक्र02:0503:05रात
बुध03:0504:06रात
चंद्र04:0605:06रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।