1 अक्टूबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (12:35 तक), नक्षत्र कृत्तिका (06:02 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:06 पर और सूर्यास्त 17:01 पर है। राहुकाल 12:33 से 14:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:06 – 17:01
रात 05:06 तक
तिथि
पंचमी, 12:35 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी, 04:27 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:06 – 06:35शुभ
रोग06:35 – 08:04टालें
उद्वेग08:04 – 09:34टालें
चर09:34 – 11:03सामान्य
लाभ11:03 – 12:33शुभ
अमृत12:33 – 14:02शुभ
काल14:02 – 15:32टालें
शुभ15:32 – 17:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:01 – 18:32शुभ
चर18:32 – 20:02सामान्य
रोग20:02 – 21:33टालें
काल21:33 – 23:03टालें
लाभ23:03 – 00:34शुभ
उद्वेग00:34 – 02:05टालें
शुभ02:05 – 03:35शुभ
अमृत03:35 – 05:06शुभ

1 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 12:35 तक
कृष्ण षष्ठी 10:15, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 04:27, 2 अक्टू॰ तक
मृगशिरा 02:55, 3 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 21:18 तक
व्यतीपातअशुभ 18:17, 2 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:35 तक
गर 23:25 तक
वणिज 10:15, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:06
सूर्यास्त
17:01
चंद्रोदय
20:20
चंद्रास्त
09:41
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:29 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
10:39 – 11:27

अशुभ समय

राहुकाल
12:33 – 14:02
यमगंड
05:06 – 06:35
गुलिक काल
08:04 – 09:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:0606:05दिन
मंगल06:0507:05दिन
सूर्य07:0508:04दिन
शुक्र08:0409:04दिन
बुध09:0410:04दिन
चंद्र10:0411:03दिन
शनि11:0312:03दिन
गुरु12:0313:03दिन
मंगल13:0314:02दिन
सूर्य14:0215:02दिन
शुक्र15:0216:01दिन
बुध16:0117:01दिन
चंद्र17:0118:01रात
शनि18:0119:02रात
गुरु19:0220:02रात
मंगल20:0221:03रात
सूर्य21:0322:03रात
शुक्र22:0323:03रात
बुध23:0300:04रात
चंद्र00:0401:04रात
शनि01:0402:05रात
गुरु02:0503:05रात
मंगल03:0504:06रात
सूर्य04:0605:06रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।