6 अक्टूबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (00:34, 7 अक्टू॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (22:17 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:08 पर और सूर्यास्त 16:56 पर है। राहुकाल 13:59 से 15:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:08 – 16:56
रात 05:08 तक
तिथि
एकादशी, 00:34 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 22:17 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:08 – 06:36टालें
उद्वेग06:36 – 08:05टालें
चर08:05 – 09:33सामान्य
लाभ09:33 – 11:02शुभ
अमृत11:02 – 12:30शुभ
काल12:30 – 13:59टालें
शुभ13:59 – 15:27शुभ
रोग15:27 – 16:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:56 – 18:27टालें
लाभ18:27 – 19:59शुभ
उद्वेग19:59 – 21:30टालें
शुभ21:30 – 23:02शुभ
अमृत23:02 – 00:33शुभ
चर00:33 – 02:05सामान्य
रोग02:05 – 03:37टालें
काल03:37 – 05:08टालें

6 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 00:34, 7 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वादशी 23:17, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:40, 7 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 07:20 तक
साध्य 05:00, 7 अक्टू॰ तक
शुभ 02:52, 8 अक्टू॰ तक
करण
बव 13:19 तक
बालव 00:34, 7 अक्टू॰ तक
कौलव 11:53, 7 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 22:17 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:08
सूर्यास्त
16:56
चंद्रोदय
00:39
चंद्रास्त
14:12
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:19
अभिजीत मुहूर्त
10:38 – 11:25

अशुभ समय

राहुकाल
13:59 – 15:27
यमगंड
08:05 – 09:33
गुलिक काल
11:02 – 12:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:0806:07दिन
सूर्य06:0707:06दिन
शुक्र07:0608:05दिन
बुध08:0509:04दिन
चंद्र09:0410:03दिन
शनि10:0311:02दिन
गुरु11:0212:01दिन
मंगल12:0113:00दिन
सूर्य13:0013:59दिन
शुक्र13:5914:58दिन
बुध14:5815:57दिन
चंद्र15:5716:56दिन
शनि16:5617:57रात
गुरु17:5718:58रात
मंगल18:5819:59रात
सूर्य19:5921:00रात
शुक्र21:0022:01रात
बुध22:0123:02रात
चंद्र23:0200:03रात
शनि00:0301:04रात
गुरु01:0402:05रात
मंगल02:0503:06रात
सूर्य03:0604:07रात
शुक्र04:0705:08रात

अयनांश 24.2309° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।