10 अक्टूबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (21:20 तक), नक्षत्र हस्त (21:42 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 16:52 पर है। राहुकाल 08:05 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 16:52
रात 05:10 तक
तिथि
अमावस्या, 21:20 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
हस्त, 21:42 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:09 – 06:37टालें
शुभ06:37 – 08:05शुभ
रोग08:05 – 09:33टालें
उद्वेग09:33 – 11:01टालें
चर11:01 – 12:28सामान्य
लाभ12:28 – 13:56शुभ
अमृत13:56 – 15:24शुभ
काल15:24 – 16:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:52 – 18:24शुभ
उद्वेग18:24 – 19:56टालें
शुभ19:56 – 21:29शुभ
अमृत21:29 – 23:01शुभ
चर23:01 – 00:33सामान्य
रोग00:33 – 02:05टालें
काल02:05 – 03:38टालें
लाभ03:38 – 05:10शुभ

10 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 21:20 तक
शुक्ल प्रतिपदा 21:31, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 21:42 तक
चित्रा 22:32, 11 अक्टू॰ तक
योग
इंद्र 22:02 तक
वैधृतिअशुभ 21:05, 11 अक्टू॰ तक
करण
चतुष्पद 09:24 तक
नाग 21:20 तक
किंस्तुघ्न 09:22, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
16:52
चंद्रोदय
04:37
चंद्रास्त
16:28
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:31 – 04:20
अभिजीत मुहूर्त
10:37 – 11:24

अशुभ समय

राहुकाल
08:05 – 09:33
यमगंड
12:28 – 13:56
गुलिक काल
05:09 – 06:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0906:08दिन
गुरु06:0807:06दिन
मंगल07:0608:05दिन
सूर्य08:0509:04दिन
शुक्र09:0410:02दिन
बुध10:0211:01दिन
चंद्र11:0111:59दिन
शनि11:5912:58दिन
गुरु12:5813:56दिन
मंगल13:5614:55दिन
सूर्य14:5515:53दिन
शुक्र15:5316:52दिन
बुध16:5217:53रात
चंद्र17:5318:55रात
शनि18:5519:56रात
गुरु19:5620:58रात
मंगल20:5821:59रात
सूर्य21:5923:01रात
शुक्र23:0100:02रात
बुध00:0201:04रात
चंद्र01:0402:05रात
शनि02:0503:07रात
गुरु03:0704:08रात
मंगल04:0805:10रात

अयनांश 24.2311° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।