1 नवंबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 1 नवंबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 नवंबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (14:52 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (05:39 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 16:34 पर है। राहुकाल 15:10 से 16:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 16:34
रात 05:21 तक
तिथि
सप्तमी, 14:52 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 04:30 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:21 – 06:45टालें
चर06:45 – 08:09सामान्य
लाभ08:09 – 09:33शुभ
अमृत09:33 – 10:57शुभ
काल10:57 – 12:21टालें
शुभ12:21 – 13:45शुभ
रोग13:45 – 15:10टालें
उद्वेग15:10 – 16:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:34 – 18:10शुभ
अमृत18:10 – 19:46शुभ
चर19:46 – 21:22सामान्य
रोग21:22 – 22:57टालें
काल22:57 – 00:33टालें
लाभ00:33 – 02:09शुभ
उद्वेग02:09 – 03:45टालें
शुभ03:45 – 05:21शुभ

1 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 14:52 तक
कृष्ण अष्टमी 13:10, 2 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 04:30, 2 नव॰ तक
आश्लेषा 03:46, 3 नव॰ तक
योग
साध्य 14:39 तक
शुभ 12:06, 2 नव॰ तक
करण
बव 14:52 तक
बालव 01:58, 2 नव॰ तक
कौलव 13:10, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
16:34
चंद्रोदय
22:33
चंद्रास्त
11:29
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:38 – 04:30
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
15:10 – 16:34
यमगंड
10:57 – 12:21
गुलिक काल
13:45 – 15:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2106:17दिन
शुक्र06:1707:13दिन
बुध07:1308:09दिन
चंद्र08:0909:05दिन
शनि09:0510:01दिन
गुरु10:0110:57दिन
मंगल10:5711:53दिन
सूर्य11:5312:49दिन
शुक्र12:4913:45दिन
बुध13:4514:41दिन
चंद्र14:4115:38दिन
शनि15:3816:34दिन
गुरु16:3417:38रात
मंगल17:3818:42रात
सूर्य18:4219:46रात
शुक्र19:4620:50रात
बुध20:5021:53रात
चंद्र21:5322:57रात
शनि22:5700:01रात
गुरु00:0101:05रात
मंगल01:0502:09रात
सूर्य02:0903:13रात
शुक्र03:1304:17रात
बुध04:1705:21रात

अयनांश 24.2319° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।