21 नवंबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 21 नवंबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 21 नवंबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (06:31 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (06:50 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:34 पर और सूर्यास्त 16:25 पर है। राहुकाल 08:17 से 09:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:34 – 16:25
रात 05:35 तक
तिथि
द्वादशी, 04:56 तक
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:34 – 06:55टालें
शुभ06:55 – 08:17शुभ
रोग08:17 – 09:38टालें
उद्वेग09:38 – 10:59टालें
चर10:59 – 12:21सामान्य
लाभ12:21 – 13:42शुभ
अमृत13:42 – 15:04शुभ
काल15:04 – 16:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:25 – 18:04शुभ
उद्वेग18:04 – 19:42टालें
शुभ19:42 – 21:21शुभ
अमृत21:21 – 23:00शुभ
चर23:00 – 00:38सामान्य
रोग00:38 – 02:17टालें
काल02:17 – 03:56टालें
लाभ03:56 – 05:35शुभ

21 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 06:31 तक
शुक्ल द्वादशी 04:56, 22 नव॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 02:37, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 05:55, 22 नव॰ तक
योग
सिद्धि 02:30, 22 नव॰ तक
व्यतीपातअशुभ 23:29, 22 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:31 तक
बव 17:50 तक
बालव 04:56, 22 नव॰ तक
कौलव 15:52, 22 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:34
सूर्यास्त
16:25
चंद्रोदय
13:44
चंद्रास्त
01:50
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
10:38 – 11:21

अशुभ समय

राहुकाल
08:17 – 09:38
यमगंड
12:21 – 13:42
गुलिक काल
05:34 – 06:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3406:28दिन
गुरु06:2807:22दिन
मंगल07:2208:17दिन
सूर्य08:1709:11दिन
शुक्र09:1110:05दिन
बुध10:0510:59दिन
चंद्र10:5911:54दिन
शनि11:5412:48दिन
गुरु12:4813:42दिन
मंगल13:4214:36दिन
सूर्य14:3615:31दिन
शुक्र15:3116:25दिन
बुध16:2517:31रात
चंद्र17:3118:37रात
शनि18:3719:42रात
गुरु19:4220:48रात
मंगल20:4821:54रात
सूर्य21:5423:00रात
शुक्र23:0000:06रात
बुध00:0601:11रात
चंद्र01:1102:17रात
शनि02:1703:23रात
गुरु03:2304:29रात
मंगल04:2905:35रात

अयनांश 24.2327° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।