22 नवंबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

रविवार, 22 नवंबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 नवंबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (02:37, 23 नव॰ तक), नक्षत्र रेवती (05:55 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 16:25 पर है। राहुकाल 15:03 से 16:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 16:25
रात 05:35 तक
तिथि
त्रयोदशी, 02:37 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अश्विनी, 04:15 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:35 – 06:56टालें
चर06:56 – 08:17सामान्य
लाभ08:17 – 09:38शुभ
अमृत09:38 – 11:00शुभ
काल11:00 – 12:21टालें
शुभ12:21 – 13:42शुभ
रोग13:42 – 15:03टालें
उद्वेग15:03 – 16:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:25 – 18:04शुभ
अमृत18:04 – 19:42शुभ
चर19:42 – 21:21सामान्य
रोग21:21 – 23:00टालें
काल23:00 – 00:39टालें
लाभ00:39 – 02:18शुभ
उद्वेग02:18 – 03:57टालें
शुभ03:57 – 05:35शुभ

22 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 02:37, 23 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 23:42, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 05:55 तक
अश्विनी 04:15, 23 नव॰ तक
भरणी 02:02, 24 नव॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 23:29 तक
वरीयान 19:58, 23 नव॰ तक
करण
कौलव 15:52 तक
तैतिल 02:37, 23 नव॰ तक
गर 13:14, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 05:55 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
16:25
चंद्रोदय
14:22
चंद्रास्त
02:50
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
10:38 – 11:21

अशुभ समय

राहुकाल
15:03 – 16:25
यमगंड
11:00 – 12:21
गुलिक काल
13:42 – 15:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3506:29दिन
शुक्र06:2907:23दिन
बुध07:2308:17दिन
चंद्र08:1709:11दिन
शनि09:1110:06दिन
गुरु10:0611:00दिन
मंगल11:0011:54दिन
सूर्य11:5412:48दिन
शुक्र12:4813:42दिन
बुध13:4214:36दिन
चंद्र14:3615:31दिन
शनि15:3116:25दिन
गुरु16:2517:31रात
मंगल17:3118:36रात
सूर्य18:3619:42रात
शुक्र19:4220:48रात
बुध20:4821:54रात
चंद्र21:5423:00रात
शनि23:0000:06रात
गुरु00:0601:12रात
मंगल01:1202:18रात
सूर्य02:1803:24रात
शुक्र03:2404:29रात
बुध04:2905:35रात

अयनांश 24.2327° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।