30 नवंबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 30 नवंबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 नवंबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (00:12, 1 दिस॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (09:42 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 16:24 पर है। राहुकाल 07:01 से 08:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 16:24
रात 05:41 तक
तिथि
सप्तमी, 00:12 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 09:42 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:40 – 07:01शुभ
काल07:01 – 08:21टालें
शुभ08:21 – 09:42शुभ
रोग09:42 – 11:02टालें
उद्वेग11:02 – 12:23टालें
चर12:23 – 13:43सामान्य
लाभ13:43 – 15:04शुभ
अमृत15:04 – 16:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:24 – 18:04सामान्य
रोग18:04 – 19:43टालें
काल19:43 – 21:23टालें
लाभ21:23 – 23:03शुभ
उद्वेग23:03 – 00:42टालें
शुभ00:42 – 02:22शुभ
अमृत02:22 – 04:01शुभ
चर04:01 – 05:41सामान्य

30 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 00:12, 1 दिस॰ तक
कृष्ण अष्टमी 23:14, 1 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 09:00, 1 दिस॰ तक
योग
इंद्र 14:27 तक
वैधृतिअशुभ 12:15, 1 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:55 तक
बव 00:12, 1 दिस॰ तक
बालव 11:38, 1 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 09:42 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
16:24
चंद्रोदय
22:30
चंद्रास्त
10:50
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
10:41 – 11:24

अशुभ समय

राहुकाल
07:01 – 08:21
यमगंड
09:42 – 11:02
गुलिक काल
12:23 – 13:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4006:34दिन
शनि06:3407:28दिन
गुरु07:2808:21दिन
मंगल08:2109:15दिन
सूर्य09:1510:09दिन
शुक्र10:0911:02दिन
बुध11:0211:56दिन
चंद्र11:5612:49दिन
शनि12:4913:43दिन
गुरु13:4314:37दिन
मंगल14:3715:30दिन
सूर्य15:3016:24दिन
शुक्र16:2417:30रात
बुध17:3018:37रात
चंद्र18:3719:43रात
शनि19:4320:50रात
गुरु20:5021:56रात
मंगल21:5623:03रात
सूर्य23:0300:09रात
शुक्र00:0901:15रात
बुध01:1502:22रात
चंद्र02:2203:28रात
शनि03:2804:35रात
गुरु04:3505:41रात

अयनांश 24.2330° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।