4 दिसंबर 2026 को इम्फाल का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (23:45 तक), नक्षत्र हस्त (10:23 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 16:24 पर है। राहुकाल 09:44 से 11:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 16:24
रात 05:44 तक
तिथि
एकादशी, 23:45 तक
द्वादशी
नक्षत्र
हस्त, 10:23 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:43 – 07:03सामान्य
लाभ07:03 – 08:23शुभ
अमृत08:23 – 09:44शुभ
काल09:44 – 11:04टालें
शुभ11:04 – 12:24शुभ
रोग12:24 – 13:44टालें
उद्वेग13:44 – 15:04टालें
चर15:04 – 16:24सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:24 – 18:04टालें
काल18:04 – 19:44टालें
लाभ19:44 – 21:24शुभ
उद्वेग21:24 – 23:04टालें
शुभ23:04 – 00:44शुभ
अमृत00:44 – 02:24शुभ
चर02:24 – 04:04सामान्य
रोग04:04 – 05:44टालें

4 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:45 तक
कृष्ण द्वादशी 00:52, 6 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 10:23 तक
चित्रा 11:49, 5 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 08:23 तक
सौभाग्य 07:53, 5 दिस॰ तक
करण
बव 11:21 तक
बालव 23:45 तक
कौलव 12:15, 5 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 23:02 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
16:24
चंद्रोदय
01:21
चंद्रास्त
13:03
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
10:42 – 11:25

अशुभ समय

राहुकाल
09:44 – 11:04
यमगंड
13:44 – 15:04
गुलिक काल
07:03 – 08:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4306:37दिन
बुध06:3707:30दिन
चंद्र07:3008:23दिन
शनि08:2309:17दिन
गुरु09:1710:10दिन
मंगल10:1011:04दिन
सूर्य11:0411:57दिन
शुक्र11:5712:51दिन
बुध12:5113:44दिन
चंद्र13:4414:37दिन
शनि14:3715:31दिन
गुरु15:3116:24दिन
मंगल16:2417:31रात
सूर्य17:3118:38रात
शुक्र18:3819:44रात
बुध19:4420:51रात
चंद्र20:5121:57रात
शनि21:5723:04रात
गुरु23:0400:11रात
मंगल00:1101:17रात
सूर्य01:1702:24रात
शुक्र02:2403:31रात
बुध03:3104:37रात
चंद्र04:3705:44रात

अयनांश 24.2332° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।