2 जनवरी 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 2 जनवरी 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 2 जनवरी 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (14:24 तक), नक्षत्र स्वाति (19:19 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 16:37 पर है। राहुकाल 08:38 से 09:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 16:37
रात 05:59 तक
तिथि
दशमी, 14:24 तक
एकादशी
नक्षत्र
स्वाति, 19:19 तक
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:58 – 07:18टालें
शुभ07:18 – 08:38शुभ
रोग08:38 – 09:58टालें
उद्वेग09:58 – 11:18टालें
चर11:18 – 12:37सामान्य
लाभ12:37 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:17शुभ
काल15:17 – 16:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:37 – 18:17शुभ
उद्वेग18:17 – 19:57टालें
शुभ19:57 – 21:37शुभ
अमृत21:37 – 23:18शुभ
चर23:18 – 00:58सामान्य
रोग00:58 – 02:38टालें
काल02:38 – 04:18टालें
लाभ04:18 – 05:59शुभ

2 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 14:24 तक
कृष्ण एकादशी 16:08, 3 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 19:19 तक
विशाखा 21:37, 3 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 11:28 तक
धृति 11:37, 3 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:24 तक
बव 03:13, 3 जन॰ तक
बालव 16:08, 3 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
16:37
चंद्रोदय
01:07
चंद्रास्त
12:14
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
10:56 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
08:38 – 09:58
यमगंड
12:37 – 13:57
गुलिक काल
05:58 – 07:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5806:52दिन
गुरु06:5207:45दिन
मंगल07:4508:38दिन
सूर्य08:3809:31दिन
शुक्र09:3110:24दिन
बुध10:2411:18दिन
चंद्र11:1812:11दिन
शनि12:1113:04दिन
गुरु13:0413:57दिन
मंगल13:5714:50दिन
सूर्य14:5015:43दिन
शुक्र15:4316:37दिन
बुध16:3717:43रात
चंद्र17:4318:50रात
शनि18:5019:57रात
गुरु19:5721:04रात
मंगल21:0422:11रात
सूर्य22:1123:18रात
शुक्र23:1800:25रात
बुध00:2501:31रात
चंद्र01:3102:38रात
शनि02:3803:45रात
गुरु03:4504:52रात
मंगल04:5205:59रात

अयनांश 24.2343° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।