7 अप्रैल 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 7 अप्रैल 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 अप्रैल 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (05:21 तक), नक्षत्र रेवती (18:25 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:00 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 11:16 से 12:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:00 – 17:32
रात 04:59 तक
तिथि
प्रतिपदा, 04:29 तक
नक्षत्र
रेवती, 18:25 तक
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:00 – 06:34शुभ
अमृत06:34 – 08:08शुभ
काल08:08 – 09:42टालें
शुभ09:42 – 11:16शुभ
रोग11:16 – 12:50टालें
उद्वेग12:50 – 14:24टालें
चर14:24 – 15:58सामान्य
लाभ15:58 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:32 – 18:58टालें
शुभ18:58 – 20:24शुभ
अमृत20:24 – 21:50शुभ
चर21:50 – 23:16सामान्य
रोग23:16 – 00:42टालें
काल00:42 – 02:07टालें
लाभ02:07 – 03:33शुभ
उद्वेग03:33 – 04:59टालें

7 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 05:21 तक
शुक्ल प्रतिपदा 04:29, 8 अप्रैल तक
शुक्ल द्वितीया 03:10, 9 अप्रैल तक
नक्षत्र
रेवती 18:25 तक
अश्विनी 17:59, 8 अप्रैल तक
योग
इंद्र 07:26 तक
वैधृतिअशुभ 05:36, 8 अप्रैल तक
करण
नाग 05:21 तक
किंस्तुघ्न 16:58 तक
बव 04:29, 8 अप्रैल तक
बालव 15:52, 8 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मीन 18:25 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:00
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
04:49
चंद्रास्त
17:58
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:28 – 04:14
अभिजीत मुहूर्त
10:51 – 11:41 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:16 – 12:50
यमगंड
06:34 – 08:08
गुलिक काल
09:42 – 11:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:0006:03दिन
चंद्र06:0307:05दिन
शनि07:0508:08दिन
गुरु08:0809:11दिन
मंगल09:1110:13दिन
सूर्य10:1311:16दिन
शुक्र11:1612:19दिन
बुध12:1913:22दिन
चंद्र13:2214:24दिन
शनि14:2415:27दिन
गुरु15:2716:30दिन
मंगल16:3017:32दिन
सूर्य17:3218:30रात
शुक्र18:3019:27रात
बुध19:2720:24रात
चंद्र20:2421:21रात
शनि21:2122:18रात
गुरु22:1823:16रात
मंगल23:1600:13रात
सूर्य00:1301:10रात
शुक्र01:1002:07रात
बुध02:0703:05रात
चंद्र03:0504:02रात
शनि04:0204:59रात

अयनांश 24.2379° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।