8 अप्रैल 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

गुरुवार, 8 अप्रैल 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 अप्रैल 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (03:10, 9 अप्रैल तक), नक्षत्र अश्विनी (17:59 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 04:59 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है। राहुकाल 12:50 से 14:24 तक है।

दिन और रात
दिन 04:59 – 17:33
रात 04:58 तक
तिथि
द्वितीया, 03:10 तक
तृतीया
नक्षत्र
अश्विनी, 17:59 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ04:59 – 06:33शुभ
रोग06:33 – 08:07टालें
उद्वेग08:07 – 09:42टालें
चर09:42 – 11:16सामान्य
लाभ11:16 – 12:50शुभ
अमृत12:50 – 14:24शुभ
काल14:24 – 15:59टालें
शुभ15:59 – 17:33शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:33 – 18:58शुभ
चर18:58 – 20:24सामान्य
रोग20:24 – 21:50टालें
काल21:50 – 23:15टालें
लाभ23:15 – 00:41शुभ
उद्वेग00:41 – 02:07टालें
शुभ02:07 – 03:32शुभ
अमृत03:32 – 04:58शुभ

8 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 03:10, 9 अप्रैल तक
शुक्ल तृतीया 01:32, 10 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 17:11, 9 अप्रैल तक
योग
वैधृतिअशुभ 05:36 तक
विष्कंभअशुभ 03:25, 9 अप्रैल तक
प्रीति 00:59, 10 अप्रैल तक
करण
बालव 15:52 तक
कौलव 03:10, 9 अप्रैल तक
तैतिल 14:23, 9 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:59
सूर्यास्त
17:33
चंद्रोदय
05:26
चंद्रास्त
19:00
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:27 – 04:13
अभिजीत मुहूर्त
10:51 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
12:50 – 14:24
यमगंड
04:59 – 06:33
गुलिक काल
08:07 – 09:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु04:5906:02दिन
मंगल06:0207:05दिन
सूर्य07:0508:07दिन
शुक्र08:0709:10दिन
बुध09:1010:13दिन
चंद्र10:1311:16दिन
शनि11:1612:19दिन
गुरु12:1913:22दिन
मंगल13:2214:24दिन
सूर्य14:2415:27दिन
शुक्र15:2716:30दिन
बुध16:3017:33दिन
चंद्र17:3318:30रात
शनि18:3019:27रात
गुरु19:2720:24रात
मंगल20:2421:21रात
सूर्य21:2122:18रात
शुक्र22:1823:15रात
बुध23:1500:13रात
चंद्र00:1301:10रात
शनि01:1002:07रात
गुरु02:0703:04रात
मंगल03:0404:01रात
सूर्य04:0104:58रात

अयनांश 24.2379° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।