19 अप्रैल 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 19 अप्रैल 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 19 अप्रैल 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (06:08 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (05:15 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 04:49 पर और सूर्यास्त 17:38 पर है। राहुकाल 06:25 से 08:01 तक है।

दिन और रात
दिन 04:49 – 17:38
रात 04:48 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त, 04:40 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत04:49 – 06:25शुभ
काल06:25 – 08:01टालें
शुभ08:01 – 09:37शुभ
रोग09:37 – 11:13टालें
उद्वेग11:13 – 12:49टालें
चर12:49 – 14:25सामान्य
लाभ14:25 – 16:02शुभ
अमृत16:02 – 17:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:38 – 19:01सामान्य
रोग19:01 – 20:25टालें
काल20:25 – 21:49टालें
लाभ21:49 – 23:13शुभ
उद्वेग23:13 – 00:36टालें
शुभ00:36 – 02:00शुभ
अमृत02:00 – 03:24शुभ
चर03:24 – 04:48सामान्य

19 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 06:08 तक
शुक्ल चतुर्दशी 04:51, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 04:40, 20 अप्रैल तक
चित्रा 04:28, 21 अप्रैल तक
योग
व्याघातअशुभ 19:44 तक
हर्षण 17:47, 20 अप्रैल तक
करण
तैतिल 06:08 तक
गर 17:27 तक
वणिज 04:51, 20 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:49
सूर्यास्त
17:38
चंद्रोदय
16:12
चंद्रास्त
03:23
दिनमान
12h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:19 – 04:04
अभिजीत मुहूर्त
10:48 – 11:39

अशुभ समय

राहुकाल
06:25 – 08:01
यमगंड
09:37 – 11:13
गुलिक काल
12:49 – 14:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र04:4905:53दिन
शनि05:5306:57दिन
गुरु06:5708:01दिन
मंगल08:0109:05दिन
सूर्य09:0510:09दिन
शुक्र10:0911:13दिन
बुध11:1312:17दिन
चंद्र12:1713:21दिन
शनि13:2114:25दिन
गुरु14:2515:29दिन
मंगल15:2916:34दिन
सूर्य16:3417:38दिन
शुक्र17:3818:33रात
बुध18:3319:29रात
चंद्र19:2920:25रात
शनि20:2521:21रात
गुरु21:2122:17रात
मंगल22:1723:13रात
सूर्य23:1300:09रात
शुक्र00:0901:04रात
बुध01:0402:00रात
चंद्र02:0002:56रात
शनि02:5603:52रात
गुरु03:5204:48रात

अयनांश 24.2384° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।