30 अक्टूबर 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

शनिवार, 30 अक्टूबर 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 30 अक्टूबर 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (17:52 तक), नक्षत्र स्वाति (09:43 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:19 पर और सूर्यास्त 16:35 पर है। राहुकाल 08:08 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:19 – 16:35
रात 05:20 तक
तिथि
प्रतिपदा, 17:52 तक
द्वितीया
नक्षत्र
स्वाति, 09:43 तक
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:19 – 06:44टालें
शुभ06:44 – 08:08शुभ
रोग08:08 – 09:33टालें
उद्वेग09:33 – 10:57टालें
चर10:57 – 12:22सामान्य
लाभ12:22 – 13:46शुभ
अमृत13:46 – 15:11शुभ
काल15:11 – 16:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:35 – 18:11शुभ
उद्वेग18:11 – 19:46टालें
शुभ19:46 – 21:22शुभ
अमृत21:22 – 22:58शुभ
चर22:58 – 00:33सामान्य
रोग00:33 – 02:09टालें
काल02:09 – 03:44टालें
लाभ03:44 – 05:20शुभ

30 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 17:52 तक
शुक्ल द्वितीया 17:13, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 09:43 तक
विशाखा 09:31, 31 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 22:30 तक
सौभाग्य 20:56, 31 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 06:25 तक
बव 17:52 तक
बालव 05:28, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
तुला 03:31, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:19
सूर्यास्त
16:35
चंद्रोदय
05:53
चंद्रास्त
16:53
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:38 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
10:35 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
08:08 – 09:33
यमगंड
12:22 – 13:46
गुलिक काल
05:19 – 06:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1906:16दिन
गुरु06:1607:12दिन
मंगल07:1208:08दिन
सूर्य08:0809:05दिन
शुक्र09:0510:01दिन
बुध10:0110:57दिन
चंद्र10:5711:54दिन
शनि11:5412:50दिन
गुरु12:5013:46दिन
मंगल13:4614:43दिन
सूर्य14:4315:39दिन
शुक्र15:3916:35दिन
बुध16:3517:39रात
चंद्र17:3918:43रात
शनि18:4319:46रात
गुरु19:4620:50रात
मंगल20:5021:54रात
सूर्य21:5422:58रात
शुक्र22:5800:01रात
बुध00:0101:05रात
चंद्र01:0502:09रात
शनि02:0903:12रात
गुरु03:1204:16रात
मंगल04:1605:20रात

अयनांश 24.2458° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।