16 नवंबर 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 16 नवंबर 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 नवंबर 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (05:41 तक), नक्षत्र रोहिणी (06:00 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 16:26 पर है। राहुकाल 13:42 से 15:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 16:26
रात 05:31 तक
तिथि
तृतीया, 03:42 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
मृगशिरा, 04:42 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:30 – 06:52टालें
उद्वेग06:52 – 08:14टालें
चर08:14 – 09:36सामान्य
लाभ09:36 – 10:58शुभ
अमृत10:58 – 12:20शुभ
काल12:20 – 13:42टालें
शुभ13:42 – 15:04शुभ
रोग15:04 – 16:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:26 – 18:04टालें
लाभ18:04 – 19:42शुभ
उद्वेग19:42 – 21:21टालें
शुभ21:21 – 22:59शुभ
अमृत22:59 – 00:37शुभ
चर00:37 – 02:15सामान्य
रोग02:15 – 03:53टालें
काल03:53 – 05:31टालें

16 नवंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 05:41 तक
कृष्ण तृतीया 03:42, 17 नव॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 01:35, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 06:00 तक
मृगशिरा 04:42, 17 नव॰ तक
आर्द्रा 03:18, 18 नव॰ तक
योग
शिव 12:39 तक
सिद्ध 09:48, 17 नव॰ तक
करण
गर 05:41 तक
वणिज 16:43 तक
विष्टि (भद्रा) 03:42, 17 नव॰ तक
बव 14:39, 17 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 17:23 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
16:26
चंद्रोदय
18:16
चंद्रास्त
07:35
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
10:36 – 11:20

अशुभ समय

राहुकाल
13:42 – 15:04
यमगंड
08:14 – 09:36
गुलिक काल
10:58 – 12:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3006:25दिन
सूर्य06:2507:20दिन
शुक्र07:2008:14दिन
बुध08:1409:09दिन
चंद्र09:0910:04दिन
शनि10:0410:58दिन
गुरु10:5811:53दिन
मंगल11:5312:48दिन
सूर्य12:4813:42दिन
शुक्र13:4214:37दिन
बुध14:3715:32दिन
चंद्र15:3216:26दिन
शनि16:2617:32रात
गुरु17:3218:37रात
मंगल18:3719:42रात
सूर्य19:4220:48रात
शुक्र20:4821:53रात
बुध21:5322:59रात
चंद्र22:5900:04रात
शनि00:0401:09रात
गुरु01:0902:15रात
मंगल02:1503:20रात
सूर्य03:2004:26रात
शुक्र04:2605:31रात

अयनांश 24.2464° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।