22 दिसंबर 2027 को इम्फाल का चौघड़िया

बुधवार, 22 दिसंबर 2027, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 दिसंबर 2027 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (23:41 तक), नक्षत्र चित्रा (00:09, 23 दिस॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 16:30 पर है। राहुकाल 11:12 से 12:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 16:30
रात 05:55 तक
तिथि
दशमी, 23:41 तक
एकादशी
नक्षत्र
चित्रा, 00:09 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:54 – 07:14शुभ
अमृत07:14 – 08:33शुभ
काल08:33 – 09:53टालें
शुभ09:53 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:32टालें
उद्वेग12:32 – 13:51टालें
चर13:51 – 15:10सामान्य
लाभ15:10 – 16:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:30 – 18:11टालें
शुभ18:11 – 19:51शुभ
अमृत19:51 – 21:32शुभ
चर21:32 – 23:12सामान्य
रोग23:12 – 00:53टालें
काल00:53 – 02:33टालें
लाभ02:33 – 04:14शुभ
उद्वेग04:14 – 05:55टालें

22 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 23:41 तक
कृष्ण एकादशी 23:12, 23 दिस॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 00:09, 23 दिस॰ तक
स्वाति 00:17, 24 दिस॰ तक
योग
शोभन 13:28 तक
अतिगंडअशुभ 11:43, 23 दिस॰ तक
करण
वणिज 12:05 तक
विष्टि (भद्रा) 23:41 तक
बव 11:23, 23 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 12:14 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
16:30
चंद्रोदय
00:33
चंद्रास्त
12:06
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
10:51 – 11:33 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:12 – 12:32
यमगंड
07:14 – 08:33
गुलिक काल
09:53 – 11:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5406:47दिन
चंद्र06:4707:40दिन
शनि07:4008:33दिन
गुरु08:3309:26दिन
मंगल09:2610:19दिन
सूर्य10:1911:12दिन
शुक्र11:1212:05दिन
बुध12:0512:58दिन
चंद्र12:5813:51दिन
शनि13:5114:44दिन
गुरु14:4415:37दिन
मंगल15:3716:30दिन
सूर्य16:3017:37रात
शुक्र17:3718:44रात
बुध18:4419:51रात
चंद्र19:5120:58रात
शनि20:5822:05रात
गुरु22:0523:12रात
मंगल23:1200:19रात
सूर्य00:1901:26रात
शुक्र01:2602:33रात
बुध02:3303:40रात
चंद्र03:4004:48रात
शनि04:4805:55रात

अयनांश 24.2478° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।