4 अप्रैल 2028 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 4 अप्रैल 2028, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 4 अप्रैल 2028 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (10:07 तक), नक्षत्र पुष्य (23:34 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:02 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 14:24 से 15:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:02 – 17:31
रात 05:01 तक
तिथि
नवमी, 10:07 तक
दशमी
नक्षत्र
पुष्य, 23:34 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:02 – 06:36टालें
उद्वेग06:36 – 08:10टालें
चर08:10 – 09:43सामान्य
लाभ09:43 – 11:17शुभ
अमृत11:17 – 12:50शुभ
काल12:50 – 14:24टालें
शुभ14:24 – 15:58शुभ
रोग15:58 – 17:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:31 – 18:58टालें
लाभ18:58 – 20:24शुभ
उद्वेग20:24 – 21:50टालें
शुभ21:50 – 23:16शुभ
अमृत23:16 – 00:43शुभ
चर00:43 – 02:09सामान्य
रोग02:09 – 03:35टालें
काल03:35 – 05:01टालें

4 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 10:07 तक
शुक्ल दशमी 07:46, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 23:34 तक
आश्लेषा 21:41, 5 अप्रैल तक
योग
सुकर्मा 16:23 तक
धृति 13:14, 5 अप्रैल तक
करण
कौलव 10:07 तक
तैतिल 21:00 तक
गर 07:46, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:02
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
12:11
चंद्रास्त
01:02
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:30 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
10:52 – 11:42

अशुभ समय

राहुकाल
14:24 – 15:58
यमगंड
08:10 – 09:43
गुलिक काल
11:17 – 12:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:0206:05दिन
सूर्य06:0507:07दिन
शुक्र07:0708:10दिन
बुध08:1009:12दिन
चंद्र09:1210:14दिन
शनि10:1411:17दिन
गुरु11:1712:19दिन
मंगल12:1913:22दिन
सूर्य13:2214:24दिन
शुक्र14:2415:27दिन
बुध15:2716:29दिन
चंद्र16:2917:31दिन
शनि17:3118:29रात
गुरु18:2919:26रात
मंगल19:2620:24रात
सूर्य20:2421:21रात
शुक्र21:2122:19रात
बुध22:1923:16रात
चंद्र23:1600:14रात
शनि00:1401:11रात
गुरु01:1102:09रात
मंगल02:0903:06रात
सूर्य03:0604:04रात
शुक्र04:0405:01रात

अयनांश 24.2518° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।