1 मई 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 1 मई 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 1 मई 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (06:27 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (18:48 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 04:38 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 14:27 से 16:05 तक है।

दिन और रात
दिन 04:38 – 17:44
रात 04:38 तक
तिथि
चतुर्थी, 04:21 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 18:48 तक
मूल
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग04:38 – 06:17टालें
उद्वेग06:17 – 07:55टालें
चर07:55 – 09:33सामान्य
लाभ09:33 – 11:11शुभ
अमृत11:11 – 12:49शुभ
काल12:49 – 14:27टालें
शुभ14:27 – 16:05शुभ
रोग16:05 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:44 – 19:05टालें
लाभ19:05 – 20:27शुभ
उद्वेग20:27 – 21:49टालें
शुभ21:49 – 23:11शुभ
अमृत23:11 – 00:32शुभ
चर00:32 – 01:54सामान्य
रोग01:54 – 03:16टालें
काल03:16 – 04:38टालें

1 मई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 06:27 तक
कृष्ण चतुर्थी 04:21, 2 मई तक
कृष्ण पंचमी 03:02, 3 मई तक
नक्षत्र
मूल 17:54, 2 मई तक
योग
परिघअशुभ 12:42 तक
शिव 10:05, 2 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:27 तक
बव 17:19 तक
बालव 04:21, 2 मई तक
कौलव 15:36, 2 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:38
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
21:04
चंद्रास्त
06:51
दिनमान
13h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:11 – 03:55
अभिजीत मुहूर्त
10:45 – 11:37

अशुभ समय

राहुकाल
14:27 – 16:05
यमगंड
07:55 – 09:33
गुलिक काल
11:11 – 12:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल04:3805:44दिन
सूर्य05:4406:49दिन
शुक्र06:4907:55दिन
बुध07:5509:00दिन
चंद्र09:0010:06दिन
शनि10:0611:11दिन
गुरु11:1112:16दिन
मंगल12:1613:22दिन
सूर्य13:2214:27दिन
शुक्र14:2715:33दिन
बुध15:3316:38दिन
चंद्र16:3817:44दिन
शनि17:4418:38रात
गुरु18:3819:33रात
मंगल19:3320:27रात
सूर्य20:2721:22रात
शुक्र21:2222:16रात
बुध22:1623:11रात
चंद्र23:1100:05रात
शनि00:0501:00रात
गुरु01:0001:54रात
मंगल01:5402:49रात
सूर्य02:4903:43रात
शुक्र03:4304:38रात

अयनांश 24.2668° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।