30 अप्रैल 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 30 अप्रैल 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 अप्रैल 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (09:12 तक), नक्षत्र अनुराधा (20:26 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 04:39 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 06:17 से 07:55 तक है।

दिन और रात
दिन 04:39 – 17:43
रात 04:38 तक
तिथि
द्वितीया, 09:12 तक
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा, 20:26 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत04:39 – 06:17शुभ
काल06:17 – 07:55टालें
शुभ07:55 – 09:33शुभ
रोग09:33 – 11:11टालें
उद्वेग11:11 – 12:49टालें
चर12:49 – 14:27सामान्य
लाभ14:27 – 16:05शुभ
अमृत16:05 – 17:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:43 – 19:05सामान्य
रोग19:05 – 20:27टालें
काल20:27 – 21:49टालें
लाभ21:49 – 23:11शुभ
उद्वेग23:11 – 00:33टालें
शुभ00:33 – 01:55शुभ
अमृत01:55 – 03:16शुभ
चर03:16 – 04:38सामान्य

30 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 09:12 तक
कृष्ण तृतीया 06:27, 1 मई तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 18:48, 1 मई तक
योग
वरीयान 15:53 तक
परिघअशुभ 12:42, 1 मई तक
करण
गर 09:12 तक
वणिज 19:45 तक
विष्टि (भद्रा) 06:27, 1 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:39
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
20:02
चंद्रास्त
05:51
दिनमान
13h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:12 – 03:55
अभिजीत मुहूर्त
10:45 – 11:37

अशुभ समय

राहुकाल
06:17 – 07:55
यमगंड
09:33 – 11:11
गुलिक काल
12:49 – 14:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र04:3905:44दिन
शनि05:4406:50दिन
गुरु06:5007:55दिन
मंगल07:5509:00दिन
सूर्य09:0010:06दिन
शुक्र10:0611:11दिन
बुध11:1112:16दिन
चंद्र12:1613:22दिन
शनि13:2214:27दिन
गुरु14:2715:32दिन
मंगल15:3216:38दिन
सूर्य16:3817:43दिन
शुक्र17:4318:38रात
बुध18:3819:32रात
चंद्र19:3220:27रात
शनि20:2721:22रात
गुरु21:2222:16रात
मंगल22:1623:11रात
सूर्य23:1100:05रात
शुक्र00:0501:00रात
बुध01:0001:55रात
चंद्र01:5502:49रात
शनि02:4903:44रात
गुरु03:4404:38रात

अयनांश 24.2667° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।