27 नवंबर 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

मंगलवार, 27 नवंबर 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 नवंबर 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (18:09 तक), नक्षत्र पुष्य (05:55 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 16:24 पर है। राहुकाल 13:43 से 15:03 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 16:24
रात 05:39 तक
तिथि
षष्ठी, 18:09 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:38 – 06:59टालें
उद्वेग06:59 – 08:20टालें
चर08:20 – 09:41सामान्य
लाभ09:41 – 11:01शुभ
अमृत11:01 – 12:22शुभ
काल12:22 – 13:43टालें
शुभ13:43 – 15:03शुभ
रोग15:03 – 16:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:24 – 18:03टालें
लाभ18:03 – 19:43शुभ
उद्वेग19:43 – 21:22टालें
शुभ21:22 – 23:02शुभ
अमृत23:02 – 00:41शुभ
चर00:41 – 02:20सामान्य
रोग02:20 – 04:00टालें
काल04:00 – 05:39टालें

27 नवंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 18:09 तक
कृष्ण सप्तमी 17:44, 28 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 05:55 तक
आश्लेषा 06:26, 28 नव॰ तक
योग
ब्रह्म 16:04 तक
इंद्र 14:37, 28 नव॰ तक
करण
गर 06:06 तक
वणिज 18:09 तक
विष्टि (भद्रा) 06:01, 28 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
16:24
चंद्रोदय
21:49
चंद्रास्त
10:11
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
10:40 – 11:23

अशुभ समय

राहुकाल
13:43 – 15:03
यमगंड
08:20 – 09:41
गुलिक काल
11:01 – 12:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3806:32दिन
सूर्य06:3207:26दिन
शुक्र07:2608:20दिन
बुध08:2009:14दिन
चंद्र09:1410:07दिन
शनि10:0711:01दिन
गुरु11:0111:55दिन
मंगल11:5512:49दिन
सूर्य12:4913:43दिन
शुक्र13:4314:36दिन
बुध14:3615:30दिन
चंद्र15:3016:24दिन
शनि16:2417:30रात
गुरु17:3018:37रात
मंगल18:3719:43रात
सूर्य19:4320:49रात
शुक्र20:4921:55रात
बुध21:5523:02रात
चंद्र23:0200:08रात
शनि00:0801:14रात
गुरु01:1402:20रात
मंगल02:2003:27रात
सूर्य03:2704:33रात
शुक्र04:3305:39रात

अयनांश 24.2748° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।