6 अक्टूबर 2025 को इंदौर का चौघड़िया

सोमवार, 6 अक्टूबर 2025, इंदौर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को इंदौर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (12:24 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (04:01, 7 अक्टू॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 07:48 से 09:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:09
रात 06:20 तक
तिथि
चतुर्दशी, 12:24 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 04:01 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:19 – 07:48शुभ
काल07:48 – 09:17टालें
शुभ09:17 – 10:45शुभ
रोग10:45 – 12:14टालें
उद्वेग12:14 – 13:43टालें
चर13:43 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:40शुभ
अमृत16:40 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:09 – 19:40सामान्य
रोग19:40 – 21:11टालें
काल21:11 – 22:43टालें
लाभ22:43 – 00:14शुभ
उद्वेग00:14 – 01:46टालें
शुभ01:46 – 03:17शुभ
अमृत03:17 – 04:48शुभ
चर04:48 – 06:20सामान्य

6 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 12:24 तक
पूर्णिमा 09:17, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 04:01, 7 अक्टू॰ तक
रेवती 01:28, 8 अक्टू॰ तक
योग
वृद्धि 13:13 तक
ध्रुव 09:31, 7 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 12:24 तक
विष्टि (भद्रा) 22:53 तक
बव 09:17, 7 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
17:34
चंद्रास्त
05:12
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
07:48 – 09:17
यमगंड
10:45 – 12:14
गुलिक काल
13:43 – 15:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1907:18दिन
शनि07:1808:18दिन
गुरु08:1809:17दिन
मंगल09:1710:16दिन
सूर्य10:1611:15दिन
शुक्र11:1512:14दिन
बुध12:1413:13दिन
चंद्र13:1314:12दिन
शनि14:1215:11दिन
गुरु15:1116:11दिन
मंगल16:1117:10दिन
सूर्य17:1018:09दिन
शुक्र18:0919:10रात
बुध19:1020:11रात
चंद्र20:1121:11रात
शनि21:1122:12रात
गुरु22:1223:13रात
मंगल23:1300:14रात
सूर्य00:1401:15रात
शुक्र01:1502:16रात
बुध02:1603:17रात
चंद्र03:1704:18रात
शनि04:1805:19रात
गुरु05:1906:20रात

अयनांश 24.2169° (लाहिड़ी)। समय इंदौर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।