7 अक्टूबर 2025 को इंदौर का चौघड़िया

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025, इंदौर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 को इंदौर में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (09:17 तक), नक्षत्र रेवती (01:28, 8 अक्टू॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 15:11 से 16:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 18:08
रात 06:20 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:53 तक
नक्षत्र
रेवती, 01:28 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:20 – 07:48टालें
उद्वेग07:48 – 09:17टालें
चर09:17 – 10:45सामान्य
लाभ10:45 – 12:14शुभ
अमृत12:14 – 13:42शुभ
काल13:42 – 15:11टालें
शुभ15:11 – 16:39शुभ
रोग16:39 – 18:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:08 – 19:39टालें
लाभ19:39 – 21:11शुभ
उद्वेग21:11 – 22:42टालें
शुभ22:42 – 00:14शुभ
अमृत00:14 – 01:45शुभ
चर01:45 – 03:17सामान्य
रोग03:17 – 04:48टालें
काल04:48 – 06:20टालें

7 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
पूर्णिमा 09:17 तक
कृष्ण प्रतिपदा 05:53, 8 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वितीया 02:23, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 01:28, 8 अक्टू॰ तक
अश्विनी 22:44, 8 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 09:31 तक
व्याघातअशुभ 05:35, 8 अक्टू॰ तक
हर्षण 01:32, 9 अक्टू॰ तक
करण
बव 09:17 तक
बालव 19:37 तक
कौलव 05:53, 8 अक्टू॰ तक
तैतिल 16:08, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 01:28, 8 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
18:12
चंद्रास्त
06:15
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
15:11 – 16:39
यमगंड
09:17 – 10:45
गुलिक काल
12:14 – 13:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2007:19दिन
सूर्य07:1908:18दिन
शुक्र08:1809:17दिन
बुध09:1710:16दिन
चंद्र10:1611:15दिन
शनि11:1512:14दिन
गुरु12:1413:13दिन
मंगल13:1314:12दिन
सूर्य14:1215:11दिन
शुक्र15:1116:10दिन
बुध16:1017:09दिन
चंद्र17:0918:08दिन
शनि18:0819:09रात
गुरु19:0920:10रात
मंगल20:1021:11रात
सूर्य21:1122:12रात
शुक्र22:1223:13रात
बुध23:1300:14रात
चंद्र00:1401:15रात
शनि01:1502:16रात
गुरु02:1603:17रात
मंगल03:1704:18रात
सूर्य04:1805:19रात
शुक्र05:1906:20रात

अयनांश 24.2170° (लाहिड़ी)। समय इंदौर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।