29 दिसंबर 2025 को इंदौर का चौघड़िया

सोमवार, 29 दिसंबर 2025, इंदौर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को इंदौर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (10:12 तक), नक्षत्र रेवती (07:41 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 08:26 से 09:47 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 17:51
रात 07:06 तक
तिथि
नवमी, 10:12 तक
दशमी
नक्षत्र
अश्विनी, 06:04 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:05 – 08:26शुभ
काल08:26 – 09:47टालें
शुभ09:47 – 11:07शुभ
रोग11:07 – 12:28टालें
उद्वेग12:28 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:09सामान्य
लाभ15:09 – 16:30शुभ
अमृत16:30 – 17:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:51 – 19:30सामान्य
रोग19:30 – 21:10टालें
काल21:10 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:28शुभ
उद्वेग00:28 – 02:08टालें
शुभ02:08 – 03:47शुभ
अमृत03:47 – 05:26शुभ
चर05:26 – 07:06सामान्य

29 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 10:12 तक
शुक्ल दशमी 07:51, 30 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:41 तक
अश्विनी 06:04, 30 दिस॰ तक
भरणी 03:58, 31 दिस॰ तक
योग
परिघअशुभ 07:36 तक
शिव 04:31, 30 दिस॰ तक
सिद्ध 01:02, 31 दिस॰ तक
करण
कौलव 10:12 तक
तैतिल 21:06 तक
गर 07:51, 30 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मीन 07:41 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
13:07
चंद्रास्त
01:25
दिनमान
10h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
08:26 – 09:47
यमगंड
11:07 – 12:28
गुलिक काल
13:49 – 15:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0507:59दिन
शनि07:5908:53दिन
गुरु08:5309:47दिन
मंगल09:4710:41दिन
सूर्य10:4111:34दिन
शुक्र11:3412:28दिन
बुध12:2813:22दिन
चंद्र13:2214:16दिन
शनि14:1615:09दिन
गुरु15:0916:03दिन
मंगल16:0316:57दिन
सूर्य16:5717:51दिन
शुक्र17:5118:57रात
बुध18:5720:03रात
चंद्र20:0321:10रात
शनि21:1022:16रात
गुरु22:1623:22रात
मंगल23:2200:28रात
सूर्य00:2801:35रात
शुक्र01:3502:41रात
बुध02:4103:47रात
चंद्र03:4704:53रात
शनि04:5306:00रात
गुरु06:0007:06रात

अयनांश 24.2202° (लाहिड़ी)। समय इंदौर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।