19 मार्च 2027 को इंदौर का चौघड़िया

शुक्रवार, 19 मार्च 2027, इंदौर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 19 मार्च 2027 को इंदौर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (23:17 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:31, 20 मार्च तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 11:03 से 12:34 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 18:37
रात 06:31 तक
तिथि
द्वादशी, 23:17 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:31 तक
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:32 – 08:02सामान्य
लाभ08:02 – 09:33शुभ
अमृत09:33 – 11:03शुभ
काल11:03 – 12:34टालें
शुभ12:34 – 14:05शुभ
रोग14:05 – 15:35टालें
उद्वेग15:35 – 17:06टालें
चर17:06 – 18:37सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:37 – 20:06टालें
काल20:06 – 21:35टालें
लाभ21:35 – 23:04शुभ
उद्वेग23:04 – 00:34टालें
शुभ00:34 – 02:03शुभ
अमृत02:03 – 03:32शुभ
चर03:32 – 05:01सामान्य
रोग05:01 – 06:31टालें

19 मार्च 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 23:17 तक
शुक्ल त्रयोदशी 20:45, 20 मार्च तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:31, 20 मार्च तक
मघा 23:44, 20 मार्च तक
योग
सुकर्मा 23:19 तक
धृति 20:05, 20 मार्च तक
करण
बव 12:34 तक
बालव 23:17 तक
कौलव 10:01, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 01:31, 20 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
15:36
चंद्रास्त
04:08
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
11:03 – 12:34
यमगंड
15:35 – 17:06
गुलिक काल
08:02 – 09:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3207:32दिन
बुध07:3208:32दिन
चंद्र08:3209:33दिन
शनि09:3310:33दिन
गुरु10:3311:34दिन
मंगल11:3412:34दिन
सूर्य12:3413:35दिन
शुक्र13:3514:35दिन
बुध14:3515:35दिन
चंद्र15:3516:36दिन
शनि16:3617:36दिन
गुरु17:3618:37दिन
मंगल18:3719:36रात
सूर्य19:3620:36रात
शुक्र20:3621:35रात
बुध21:3522:35रात
चंद्र22:3523:34रात
शनि23:3400:34रात
गुरु00:3401:33रात
मंगल01:3302:33रात
सूर्य02:3303:32रात
शुक्र03:3204:32रात
बुध04:3205:31रात
चंद्र05:3106:31रात

अयनांश 24.2372° (लाहिड़ी)। समय इंदौर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।