4 अक्टूबर 2027 को इंदौर का चौघड़िया

सोमवार, 4 अक्टूबर 2027, इंदौर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 4 अक्टूबर 2027 को इंदौर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (01:36, 5 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (00:44, 5 अक्टू॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 07:48 से 09:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:11
रात 06:19 तक
तिथि
पंचमी, 01:36 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा, 00:44 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:18 – 07:48शुभ
काल07:48 – 09:17टालें
शुभ09:17 – 10:46शुभ
रोग10:46 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:44टालें
चर13:44 – 15:13सामान्य
लाभ15:13 – 16:42शुभ
अमृत16:42 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:11 – 19:42सामान्य
रोग19:42 – 21:13टालें
काल21:13 – 22:44टालें
लाभ22:44 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:46टालें
शुभ01:46 – 03:17शुभ
अमृत03:17 – 04:48शुभ
चर04:48 – 06:19सामान्य

4 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 01:36, 5 अक्टू॰ तक
शुक्ल षष्ठी 02:33, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 00:44, 5 अक्टू॰ तक
ज्येष्ठा 02:15, 6 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 12:25 तक
आयुष्मान 11:43, 5 अक्टू॰ तक
करण
बव 13:26 तक
बालव 01:36, 5 अक्टू॰ तक
कौलव 13:59, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
10:23
चंद्रास्त
21:12
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
07:48 – 09:17
यमगंड
10:46 – 12:15
गुलिक काल
13:44 – 15:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1807:18दिन
शनि07:1808:17दिन
गुरु08:1709:17दिन
मंगल09:1710:16दिन
सूर्य10:1611:15दिन
शुक्र11:1512:15दिन
बुध12:1513:14दिन
चंद्र13:1414:14दिन
शनि14:1415:13दिन
गुरु15:1316:12दिन
मंगल16:1217:12दिन
सूर्य17:1218:11दिन
शुक्र18:1119:12रात
बुध19:1220:12रात
चंद्र20:1221:13रात
शनि21:1322:14रात
गुरु22:1423:14रात
मंगल23:1400:15रात
सूर्य00:1501:16रात
शुक्र01:1602:16रात
बुध02:1603:17रात
चंद्र03:1704:17रात
शनि04:1705:18रात
गुरु05:1806:19रात

अयनांश 24.2448° (लाहिड़ी)। समय इंदौर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।