11 नवंबर 2026 को ईटानगर का चौघड़िया

बुधवार, 11 नवंबर 2026, ईटानगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 11 नवंबर 2026 को ईटानगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (15:53 तक), नक्षत्र अनुराधा (11:38 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 16:26 पर है। राहुकाल 10:59 से 12:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 16:26
रात 05:33 तक
तिथि
द्वितीया, 15:53 तक
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा, 11:38 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:32 – 06:54शुभ
अमृत06:54 – 08:15शुभ
काल08:15 – 09:37टालें
शुभ09:37 – 10:59शुभ
रोग10:59 – 12:21टालें
उद्वेग12:21 – 13:42टालें
चर13:42 – 15:04सामान्य
लाभ15:04 – 16:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:26 – 18:04टालें
शुभ18:04 – 19:43शुभ
अमृत19:43 – 21:21शुभ
चर21:21 – 22:59सामान्य
रोग22:59 – 00:38टालें
काल00:38 – 02:16टालें
लाभ02:16 – 03:54शुभ
उद्वेग03:54 – 05:33टालें

11 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 15:53 तक
शुक्ल तृतीया 18:09, 12 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 14:19, 12 नव॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 03:40, 12 नव॰ तक
सुकर्मा 04:26, 13 नव॰ तक
करण
कौलव 15:53 तक
तैतिल 04:59, 12 नव॰ तक
गर 18:09, 12 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
16:26
चंद्रोदय
07:19
चंद्रास्त
17:39
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
10:37 – 11:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
10:59 – 12:21
यमगंड
06:54 – 08:15
गुलिक काल
09:37 – 10:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3206:26दिन
चंद्र06:2607:21दिन
शनि07:2108:15दिन
गुरु08:1509:10दिन
मंगल09:1010:04दिन
सूर्य10:0410:59दिन
शुक्र10:5911:53दिन
बुध11:5312:48दिन
चंद्र12:4813:42दिन
शनि13:4214:37दिन
गुरु14:3715:31दिन
मंगल15:3116:26दिन
सूर्य16:2617:32रात
शुक्र17:3218:37रात
बुध18:3719:43रात
चंद्र19:4320:48रात
शनि20:4821:54रात
गुरु21:5422:59रात
मंगल22:5900:05रात
सूर्य00:0501:10रात
शुक्र01:1002:16रात
बुध02:1603:21रात
चंद्र03:2104:27रात
शनि04:2705:33रात

अयनांश 24.2323° (लाहिड़ी)। समय ईटानगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।