13 मई 2025 को जयपुर का चौघड़िया

मंगलवार, 13 मई 2025, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 13 मई 2025 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (00:36, 14 मई तक), नक्षत्र विशाखा (09:09 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है। राहुकाल 15:44 से 17:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 19:06
रात 05:39 तक
तिथि
प्रतिपदा, 00:36 तक
द्वितीया
नक्षत्र
विशाखा, 09:09 तक
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:40 – 07:21टालें
उद्वेग07:21 – 09:01टालें
चर09:01 – 10:42सामान्य
लाभ10:42 – 12:23शुभ
अमृत12:23 – 14:04शुभ
काल14:04 – 15:44टालें
शुभ15:44 – 17:25शुभ
रोग17:25 – 19:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:06 – 20:25टालें
लाभ20:25 – 21:44शुभ
उद्वेग21:44 – 23:03टालें
शुभ23:03 – 00:23शुभ
अमृत00:23 – 01:42शुभ
चर01:42 – 03:01सामान्य
रोग03:01 – 04:20टालें
काल04:20 – 05:39टालें

13 मई 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 00:36, 14 मई तक
कृष्ण द्वितीया 02:29, 15 मई तक
नक्षत्र
विशाखा 09:09 तक
अनुराधा 11:47, 14 मई तक
योग
वरीयान 05:52 तक
परिघअशुभ 06:33, 14 मई तक
करण
बालव 11:32 तक
कौलव 00:36, 14 मई तक
तैतिल 13:35, 14 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
19:06
चंद्रोदय
19:56
चंद्रास्त
05:40
दिनमान
13h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
15:44 – 17:25
यमगंड
09:01 – 10:42
गुलिक काल
12:23 – 14:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4006:47दिन
सूर्य06:4707:54दिन
शुक्र07:5409:01दिन
बुध09:0110:09दिन
चंद्र10:0911:16दिन
शनि11:1612:23दिन
गुरु12:2313:30दिन
मंगल13:3014:37दिन
सूर्य14:3715:44दिन
शुक्र15:4416:52दिन
बुध16:5217:59दिन
चंद्र17:5919:06दिन
शनि19:0619:59रात
गुरु19:5920:51रात
मंगल20:5121:44रात
सूर्य21:4422:37रात
शुक्र22:3723:30रात
बुध23:3000:23रात
चंद्र00:2301:15रात
शनि01:1502:08रात
गुरु02:0803:01रात
मंगल03:0103:54रात
सूर्य03:5404:46रात
शुक्र04:4605:39रात

अयनांश 24.2114° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।