14 जुलाई 2025 को जयपुर का चौघड़िया

सोमवार, 14 जुलाई 2025, जयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 14 जुलाई 2025 को जयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (00:00, 15 जुल॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (06:49 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है। राहुकाल 07:24 से 09:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 19:23
रात 05:42 तक
तिथि
चतुर्थी, 00:00 तक
पंचमी
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जुलाई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:42 – 07:24शुभ
काल07:24 – 09:07टालें
शुभ09:07 – 10:50शुभ
रोग10:50 – 12:32टालें
उद्वेग12:32 – 14:15टालें
चर14:15 – 15:57सामान्य
लाभ15:57 – 17:40शुभ
अमृत17:40 – 19:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:23 – 20:40सामान्य
रोग20:40 – 21:58टालें
काल21:58 – 23:15टालें
लाभ23:15 – 00:32शुभ
उद्वेग00:32 – 01:50टालें
शुभ01:50 – 03:07शुभ
अमृत03:07 – 04:25शुभ
चर04:25 – 05:42सामान्य

14 जुलाई 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 00:00, 15 जुल॰ तक
कृष्ण पंचमी 22:39, 15 जुल॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 06:26, 15 जुल॰ तक
योग
आयुष्मान 16:13 तक
सौभाग्य 14:12, 15 जुल॰ तक
करण
बव 12:33 तक
बालव 00:00, 15 जुल॰ तक
कौलव 11:22, 15 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
19:23
चंद्रोदय
21:59
चंद्रास्त
08:50
दिनमान
13h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
07:24 – 09:07
यमगंड
10:50 – 12:32
गुलिक काल
14:15 – 15:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4206:50दिन
शनि06:5007:58दिन
गुरु07:5809:07दिन
मंगल09:0710:15दिन
सूर्य10:1511:24दिन
शुक्र11:2412:32दिन
बुध12:3213:41दिन
चंद्र13:4114:49दिन
शनि14:4915:57दिन
गुरु15:5717:06दिन
मंगल17:0618:14दिन
सूर्य18:1419:23दिन
शुक्र19:2320:14रात
बुध20:1421:06रात
चंद्र21:0621:58रात
शनि21:5822:49रात
गुरु22:4923:41रात
मंगल23:4100:32रात
सूर्य00:3201:24रात
शुक्र01:2402:16रात
बुध02:1603:07रात
चंद्र03:0703:59रात
शनि03:5904:50रात
गुरु04:5005:42रात

अयनांश 24.2137° (लाहिड़ी)। समय जयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।